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Bulandshahar News: नगर पंचायत की जमीन पर निर्माण कराने पर सभासदों का हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Aug 2023 10:36 PM IST
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Councilors uproar over construction on the land of Nagar Panchayat
औरंगाबाद में नपा की भूमि पर हो रहे निर्माण स्थल पर मौजूद सभासद और पुलिस। - संवाद...
औरंगाबाद। नगर पंचायत की करोड़ों की जमीन कब्जा करने के लिए भूमाफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं। एक भूमाफिया ने जमीन पर फिर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया। शिकायत पर देर रात तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद करा दिया। सुबह फिर से निर्माण हुआ तो सभासदों ने हंगामा कर दिया। नगर पंचायत और पुलिस ने फिर से काम को रोक दिया।
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बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़ हाईवे पर औरंगाबाद की नवीन अनाज मंडी के सामने गाटा संख्या 1218 नगर पंचायत की जमीन है। मौके पर करीब छह बीघा भूमि है, जिसकी कीमत दस करोड़ से अधिक है। इस जमीन पर फिर से भूमाफियाओं ने जेसीबी मशीन में मिट्टी की खुदाई कराकर उस पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने ईओ को शिकायती पत्र देकर निर्माण कार्य को रोकने की मांग की, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रुक सका। एसडीएम सदर से शिकायत करने पर रात में तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा और ईओ को गड्ढे भरवाकर इस भूमि पर नगर पंचायत का बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। नगर पंचायत के अधिकारियों ने न तो अपना बोर्ड लगाया और न ही मिट्टी को समतल किया। जिस पर सुबह फिर से भूमाफिया ने निर्माण शुरू कर दिया। सभासद यामीन अल्वी, फिरोज सिद्दीकी, बबलू लोधी, कविश अग्रवाल, गौरव लोधी, सतीश लोधी, महेश लोधी, भूरा मेवाती सभी सभासद एकत्रित होकर नगर पंचायत कार्यालय पर पहुंचे। जिसके बाद नगर पंचायत अध्यक्ष सलमा, अब्दुल्ला कुरैशी, कार्यवाहक बाबू, लेखपाल और कानूनगो निर्माण स्थल पर पहुंचे और अवैध निर्माण का विरोध करते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिगड़ती स्थिति देख निर्माण को रोक दिया।
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छह भूमाफियाओं के खिलाफ हुई थी एफआईआर

पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने 2017 में इस भूमि के बैनामें के फर्जी दस्तावेज तत्कालीन डीएम रोशन जैकब को दिए थे। डीएम की जांच में उक्त जमीन का बैनामा फर्जी पाया गया था, जिसमे डीएम के निर्देश पर औरंगाबाद थाने में संतराम और उसके बेटों समेत छह भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। अब आरोपी फिर से कब्जा कर रहा है।
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पुलिस ने लगाई एफआर
पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर पुलिस ने किसकी शह पर एफआर लगा दी। किसकी शह पर भूमाफिया बेखौफ होकर अवैध निर्माण करा रहा था। वहीं, लेखपाल का कहना है की उक्त भूमि कनिष्क के नाम पर बोल रही है। जो वर्तमान में उक्त भूमि पर निर्माण करा रहा है, उसका दाखिल खारिज नही हुआ है। इससे उक्त भूमि का कोई लेनादेना नही है।




पुलिस को अवैध निर्माण के संबंध में आरोपी भूमाफिया के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दी गई लेकिन, पुलिस ने दो दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नही की। - मणि सिंह, ईओ।
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