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Bulandshahar News: भाभी से दुष्कर्म के दोषी सिपाही ने किया न्यायालय में आत्मसमर्पण
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गुलावठी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषसिद्ध सिपाही ओमपाल ने गिरफ्तारी से पूर्व ही न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है। एडीजे एफटीसी द्वितीय वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब 20 फरवरी को अभियुक्त के सजा के प्रश्न पर विचार होगा। जिसके बाद मामले में अभियुक्त को सजा सुनाई जाएगी।
26 जून 2022 को गुलावठी थाने में एक गांव निवासी पीड़िता महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि उनका देवर यूपी पुलिस में सिपाही है। घटना वाले दिन आरोपी देवर डयूटी कर दिन में घर आया और उसके दोनों बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसके कमरे में घुसकर दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते करीब छह साल से आरोपी देवर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर निर्णय सुनाने के लिए 13 फरवरी की तिथि नियत की थी, लेकिन आरोपी सिपाही न्यायालय में पेश नहीं हुआ।
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आरोपी सिपाही ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दाखिल किया, लेकिन न्यायाधीश ने आरोपी का हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपी सिपाही को दोषी करार दिया। सिपाही के पेश न होने के संबंध में थाने में पत्राचार किया गया तो पता चला कि उसकी डयूटी कुंभ मेला प्रयागराज में लगी हुई है। जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त के एनबीडब्ल्यू जारी किए थे।
लेकिन, अभियुक्त ने सोमवार को न्यायालय के समझ आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त सिपाही को न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए। अब अभियुक्त सिपाही को आगामी 20 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।
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26 जून 2022 को गुलावठी थाने में एक गांव निवासी पीड़िता महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि उनका देवर यूपी पुलिस में सिपाही है। घटना वाले दिन आरोपी देवर डयूटी कर दिन में घर आया और उसके दोनों बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसके कमरे में घुसकर दुष्कर्म किया।
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पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते करीब छह साल से आरोपी देवर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर निर्णय सुनाने के लिए 13 फरवरी की तिथि नियत की थी, लेकिन आरोपी सिपाही न्यायालय में पेश नहीं हुआ।
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आरोपी सिपाही ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दाखिल किया, लेकिन न्यायाधीश ने आरोपी का हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपी सिपाही को दोषी करार दिया। सिपाही के पेश न होने के संबंध में थाने में पत्राचार किया गया तो पता चला कि उसकी डयूटी कुंभ मेला प्रयागराज में लगी हुई है। जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त के एनबीडब्ल्यू जारी किए थे।
लेकिन, अभियुक्त ने सोमवार को न्यायालय के समझ आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त सिपाही को न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए। अब अभियुक्त सिपाही को आगामी 20 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।