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Bulandshahar News: दूध बनाने में प्रयोग हो रहे केमिकल जांच में प्रतिबंधित व असुरक्षित मिले
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बुलंदशहर। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए प्रयोग होने वाले केमिकल प्रतिबंधित और असुरक्षित पाए गए हैं। अधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ है कि गोदाम से बरामद सिंथेटिक सीरप, सॉर्बिटोल और मिल्क परमिएट पाउडर का प्रयोग प्रतिबंधित है, जबकि अन्य केमिकल की जांच के दौरान केमिकल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है। अब इस रिपोर्ट को पुलिस की जांच में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
स्याना अड्डा के पास पांच दिसंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सिंथेटिक दूध बनाने के लिए प्रयोग होने वाले केमिकल सप्लायर के गोदाम पर कार्रवाई की थी। गोदाम से अधिकारियों को 1,775 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 1,250 किलो कास्टिक पोटाश, 3,125 किलो व्हे पाउडर, 6,000 लीटर सॉर्बिटोल, 1,000 लीटर सोया रिफाइंड केमिकल, 300 लीटर सिंथेटिक सीरप और 8,250 किलो मिल्क परमिएट पाउडर बरामद हुआ था। इसके चलते अधिकारियों की ओर से गोदाम संचालक अजय अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इन केमिकल के नमूने लेकर विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे थे। प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान पाया कि जिन केमिकल का इस्तेमाल करते हुए सिंथेटिक दूध बनाने का काम किया जा रहा था, वह प्रतिबंधित होने के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के मुताबिक सिंथेटिक सीरप, सॉर्बिटोल और मिल्क परमिएट पाउडर को न तो दूध बनाने और न ही दूध या किसी दूध प्रोडक्ट में मिलाने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा व्हे पाउडर, कास्टिक पोटाश, सोया रिफाइंड केमिकल और स्किम्ड मिल्क पाउडर में केमिकल की मात्रा निर्धारित से अधिक पाई गई है। इसके चलते प्रयोगशाला से इन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है।
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खुर्जा में कार्रवाई के दौरान पकड़े आरोपियों ने किया था खुलासा
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खुर्जा के गांव अगौरा अमीरपुर में नकली पनीर बनाने का खुलासा किया था। इस दौरान टीम ने फैक्टरी से पकड़े गए नफीश अहमद, सगीर और फिरोज को पकड़ा था। इस दौरान आरोपियों ने बताया था कि वह स्याना अड्डा स्थित गोदाम से केमिकल लाकर सिंथेटिक दूध तैयार करते हैं। जिससे प्रतिदिन औसतन 70 किलो पनीर बनाकर दिल्ली, नोएडा में सप्लाई करते थे। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोदाम पर कार्रवाई की थी।
कोट
गोदाम से मिले केमिकल के नमूने की जांच रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई हैं। कुछ केमिकल प्रतिबंधित भी पाए गए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जा रही है। इन केमिकल का प्रयोग किसी भी स्थिति में दूध बनाने, दूध या दुग्ध उत्पाद में नहीं किया जा सकता है।
- विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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स्याना अड्डा के पास पांच दिसंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सिंथेटिक दूध बनाने के लिए प्रयोग होने वाले केमिकल सप्लायर के गोदाम पर कार्रवाई की थी। गोदाम से अधिकारियों को 1,775 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 1,250 किलो कास्टिक पोटाश, 3,125 किलो व्हे पाउडर, 6,000 लीटर सॉर्बिटोल, 1,000 लीटर सोया रिफाइंड केमिकल, 300 लीटर सिंथेटिक सीरप और 8,250 किलो मिल्क परमिएट पाउडर बरामद हुआ था। इसके चलते अधिकारियों की ओर से गोदाम संचालक अजय अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इन केमिकल के नमूने लेकर विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे थे। प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान पाया कि जिन केमिकल का इस्तेमाल करते हुए सिंथेटिक दूध बनाने का काम किया जा रहा था, वह प्रतिबंधित होने के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के मुताबिक सिंथेटिक सीरप, सॉर्बिटोल और मिल्क परमिएट पाउडर को न तो दूध बनाने और न ही दूध या किसी दूध प्रोडक्ट में मिलाने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा व्हे पाउडर, कास्टिक पोटाश, सोया रिफाइंड केमिकल और स्किम्ड मिल्क पाउडर में केमिकल की मात्रा निर्धारित से अधिक पाई गई है। इसके चलते प्रयोगशाला से इन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है।
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खुर्जा में कार्रवाई के दौरान पकड़े आरोपियों ने किया था खुलासा
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खुर्जा के गांव अगौरा अमीरपुर में नकली पनीर बनाने का खुलासा किया था। इस दौरान टीम ने फैक्टरी से पकड़े गए नफीश अहमद, सगीर और फिरोज को पकड़ा था। इस दौरान आरोपियों ने बताया था कि वह स्याना अड्डा स्थित गोदाम से केमिकल लाकर सिंथेटिक दूध तैयार करते हैं। जिससे प्रतिदिन औसतन 70 किलो पनीर बनाकर दिल्ली, नोएडा में सप्लाई करते थे। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोदाम पर कार्रवाई की थी।
कोट
गोदाम से मिले केमिकल के नमूने की जांच रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई हैं। कुछ केमिकल प्रतिबंधित भी पाए गए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जा रही है। इन केमिकल का प्रयोग किसी भी स्थिति में दूध बनाने, दूध या दुग्ध उत्पाद में नहीं किया जा सकता है।
- विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन