फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Lockdown taught lession about family spent a lot of time with them wrote a book on its experience

लॉकडाउन ने सिखाया परिवार का महत्व, अपनों के साथ बिताए पल के अनुभवों पर लिखीं किताब

Mon, 28 Dec 2020 01:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Mon, 28 Dec 2020 01:30 PM IST
सार

  • आत्मचिंतन और आत्ममंथन के जरिए खुद को जानने और समझने की कोशिश की
  • अपने बच्चों और परिवार के लोगों को गहराई से समझने की कोशिश की
  • बेटे से सीखा कंप्यूटर

विज्ञापन
Lockdown taught lession about family spent a lot of time with them wrote a book on its experience
किताब - फोटो : Pixabay

विस्तार

कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान जहां अधिकांश लोग पूरी तरह से टूट चुके थे। बाहर न निकल पाने के कारण घर में बैठे-बैठे ऊब गए थे। हिम्मत और हौसला हारकर जल्द से जल्द समय के बीतने का इंतजार कर रहे थे। वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का रास्ता अख्तियार कर लिया। आत्मचिंतन और आत्ममंथन के जरिए खुद को जानने और समझने की कोशिश की। उन्हें महसूस भी हुआ कि भाग-दौड़ और आडंबर युक्त इस जिंदगी से इतर भी कुछ है, जो मन को सुकून देती है। साहित्य, संगीत, कला के साथ-साथ उन लोगों ने अपने बच्चों और परिवार के लोगों को गहराई से समझने की कोशिश की।

विज्ञापन



लॉकडाउन में बिताए पल ने दी आत्म संतुष्टि

स्याना निवासी डॉ हेमा शर्मा को कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का भरपूर अवसर मिला। आत्ममंथन के जरिए उन्होंने जाना कि मात्र भोजन, परिवार और घर ही हमारी खुशियों के लिए पर्याप्त नहीं है। डॉ हेमा ने बताया कि उन्होंने इस दौरान सीखा कि वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता। दूरगामी दृष्टिकोण की सोच विकसित की। खोखले रिश्तों को तिलांजलि देने का निर्णय लिया।बताया कि इस दौरान रूटीन से हट कर अपनी अभिरुचियों को पूर्ण करने का अवसर मिला। मनपसंद फिल्में लैपटॉप पर देखीं। अपने पुत्र को समय दिया। उन्होंने बताया कि शायद कोरोना काल न होने पर मैं उसे इतना समय नहीं दे पाती। लॉकडाउन के कारण संयुक्त परिवार का महत्व और गहराई से जानने का अवसर मिला। बेटे से कंप्यूटर सीखा।
विज्ञापन


पठन-पाठन और लेखन रुचि को जगाने का मिला मौका

स्याना निवासी डॉ मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें किशोरा अवस्था से पठन और लेखन में रुचि थी। लेकिन चिकित्सक बनने के उपरांत समयाभाव के कारण उनका यह शौक धरा ही रह गया था। बताया कि लॉकडाउन में उन्होंने घर बैठे खूब अध्ययन किया। चिकित्सा विज्ञान से लेकर प्राच्य हिंदी साहित्य तक, अध्यात्म से लेकर टेक्नोलॉजी तक, साइंस से लेकर संगीत तक, विभिन्न क्षेत्रों में खूब पठन किया। उन्होंने बताया कि उनके परिचित एक वरिष्ठ सर्जन की प्रकाशित उपन्यास ने उन्हें लेखन के लिए भी प्रेरित किया। उस दौरान उन्होंने दो पुस्तकें लिखनी शुरू की। जिसमें एक पुस्तक लगभग 70 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। दूसरी की शुरुआत है जो चिकित्सा शास्त्र में शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान के रहस्यों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी कुरेदती है। चंद दिनों पूर्व उन्होंने वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक पढ़ी। कोरोना काल में मुझे लेखनकर्म करने एवं पढ़ने से जो आत्मसंतुष्टि का अहसास हुआ है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed