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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Ayushman could not become 42 thousand eligible in the district due to mistake in name

Bulandshahar News: नाम में गलती के कारण जिले के 42 हजार पात्र नहीं बन पाए आयुष्मान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jan 2024 10:42 PM IST
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बुलंदशहर। आधार कार्ड और आयुष्मान सूची में नाम अलग-अलग होने की वजह से जिले के 42,902 आवेदकों को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। अपात्र घोषित होने के बाद ऐसे लोग प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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चार साल पहले केंद्र सरकार ने गरीबों को निशुल्क इलाज की सुविधा देने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की थी। इस योजना में पात्र परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज कराने की सुविधा मिलती है। अभी जिन परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं, उन्हीं को योजना में शामिल किया गया है। इन परिवारों के नाम वर्ष 2011 की जनगणना सूची से लिया गया है। जनगणना सूची में काफी संख्या में ऐसे भी नाम हैं, जिनके आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज में अलग नाम है। ऐसे लोग प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय पर शिकायत लेकर आ रहे हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि सूची में संसोधन करने का काेई प्रावधान नहीं है। ऐसे में इन लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बनाए जा सकते हैं।
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आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि जिले में 229504 परिवार आयुष्मान योजना में शामिल हैं। इनमें एक परिवार के पांच सदस्य माने जाने पर 10,86,749 गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। इसमें 1,79,775 परिवार के 8,05,288 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष 21.72 फीसदी पात्र परिवार के किसी भी सदस्य ने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है। संबंधित के गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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42,902 आवेदन हो चुके है रिजेक्ट
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि आयुष्मान योजना की सूची में नाम, जन्मतिथि, लिंग, पिता का नाम और पता का विवरण दर्ज है। इनमें कोई भी चार का मिलान संबंधित के आधार कार्ड से होने पर ही गोल्डन कार्ड बन सकता है। सूची और आधार कार्ड में नाम में अंतर होने पर साॅफ्टवेयर रिजेक्ट कर देता है। इस समस्या को सही करने का कोई प्रावधान नहीं है। एक जनवरी 2023 से 10 जनवरी 2024 तक 42,902 आवेदन रिजेक्ट हो चुके हैं।
केस एक
शिकारपुर क्षेत्र निवासी जयप्रकाश का परिवार आयुष्मान योजना से जुड़ा है। परिवार में शामिल पांच सदस्यों में से किसी का भी गोल्डन कार्ड नहीं बन सकता है। आयुष्मान सूची और आधार कार्ड में सभी के नाम और उम्र में अंतर है।

केस दो
औरंगाबाद निवासी बलवीर कुमार ने बताया कि उनके परिवार को आयुष्मान योजना का पात्र माना गया है। परिवार में शामिल छह सदस्यों में चार के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। दो के गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। दोनों के नाम और उम्र में अंतर होने के कारण उनके आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए।


आयुष्मान सूची से पात्र के आधार कार्ड का मिलान न हो पाने के कारण 42,902 के आवेदन रिजेक्ट हो चुके हैं। ऐसे लोगों की समय-समय पर शिकायत मिलती रहती है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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