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Bulandshahar News: गाजियाबाद की घटना के बाद कचहरी में मिला-जुला रहा हड़ताल का असर
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बुलंदशहर। गाजियाबाद कोर्ट में मंगलवार को हुए बवाल के बाद जनपद के अधिवक्ताओं में भी रोष व्याप्त है। बुधवार को गाजियाबाद के अधिवक्ताओं के समर्थन में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की। हालांकि, कचहरी में बुधवार को हड़ताल का असर मिला-जुला ही नजर आया।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार को गाजियाबाद में कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का सभी अधिवक्ता विरोध करते हैं। उनके समर्थन में बुधवार को सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने इस दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही आगामी चार नवंबर को विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने गाजियाबाद न्यायिक अधिकारियों के आचरण की भी निंदा की।वहीं, सिविल बार एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि सिविल बार के अधिवक्ता भी बुधवार को गाजियाबाद में हुई वारदात के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान सिर्फ जमानत आदि कार्य ही हो सके। इस दौरान वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। इसके अलावा अन्य वाह्य न्यायालयों में भी विरोध के चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार को गाजियाबाद में कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का सभी अधिवक्ता विरोध करते हैं। उनके समर्थन में बुधवार को सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने इस दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही आगामी चार नवंबर को विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
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इस दौरान अधिवक्ताओं ने गाजियाबाद न्यायिक अधिकारियों के आचरण की भी निंदा की।वहीं, सिविल बार एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि सिविल बार के अधिवक्ता भी बुधवार को गाजियाबाद में हुई वारदात के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान सिर्फ जमानत आदि कार्य ही हो सके। इस दौरान वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। इसके अलावा अन्य वाह्य न्यायालयों में भी विरोध के चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
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