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एक साल बाद ही टूटने लगा काली का पुल
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Tue, 16 Aug 2016 11:42 PM IST
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काली नदी का दरकता पुल।
- फोटो : ब्यूरो
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पहासू-दानपुर मार्ग स्थित काली नदी का पुल निर्माण के एक साल बाद ही टूटने लगा है। कमजोर हो चुके इस पुल पर लगातार वाहनों के आवागमन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अगर पुल टूट गया तो इससे जुड़े करीब 60 से 70 गांव के लोग प्रभावित होंगे। बावजूद इसके सेतु निगम ध्यान नहीं दे रहा।
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पहासू-दानपुर रोड पर सेतु निर्माण द्वारा एक साल पूर्व बनाया गया था। ग्रामीणों की माने तो करोड़ों की लागत से तैयार यह पुल बनने के कुछ माह बाद से ही टूटना शुरू हो गया था, लेकिन सेतु निगम ने मरम्मत करा दी थी। अब पुल पर बीच में सीमेंट की लेयर उखड़ने के कारण लोहे की सरिया दिख रही है।
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पुल एक किनारा धंस चुका है। ऐसे में पुल के टूटने का खतरा है। पहासू से दानपुर के लिए मुख्य मार्ग होने के कारण इस पुल पर वाहनों का आवागमन लगातार रहता है। ऐसे में कमजोर हो चुका पुल कभी भी किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है।
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60 से 70 गांव के लोग होंगे प्रभावित
काली नदी का पुल पहासू-दानपुर, शिकारपुर और अमदगढ़ जाने वाले मार्गों को जोड़ता है। इन मार्गों के बीच में कुंवरपुर, अजीबाबाद, सालाबाद, अहमदगढ़ी आदि करीब 60-70 गांव पड़ते हैं। ऐसे में अगर पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो इन गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हो जाएगा।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
काली नदी पुल से होकर वाहनों का आवागमन जारी है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। गांव नगला हरिसिंह प्रधान पति अनुज चौधरी, कुंवरपुर नीरज शर्मा ने बताया कि पुल निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।