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एनएच-91 निर्माण में ढाई गज जमीन का अड़ंगा
Bulandshahr
Updated Wed, 12 Nov 2014 05:30 AM IST
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बुलंदशहर। ढाई गज जमीन की कमी ने हाईवे-91 का निर्माण रोक दिया है। बिलसूरी में जिला प्रशासन को 2.5 गज जमीन चौड़ी पट्टी की जरूरत है, जबकि किसान इसे देने को तैयार नहीं है। ऐसे में बिलसूरी में एनएच-91 का काम रुका है।
जिला प्रशासन लंबे समय से 2.5 गज जमीन की समस्या का समाधान नहीं करावा पाया है। पांच दिन पहले एसडीएम सिकंदराबाद और एडीएम प्रशासन विशाल सिंह बिलसूरी में किसानोें से मिले भी, लेकिन मुलाकात का परिणाम सकारात्मक नहीं निकला। किसानों का कहना है उनको हाईवे किनारे वाली जमीन का रेट कम से कम 10 हजार रुपये मीटर के हिसाब से मिलना चाहिए। भूमि के साथ-साथ निर्माण सामग्री का रेट अलग से मिले। पुराने रेट पर किसान कीमती जमीन नहीं देंगे। बता दें कि 2.5 गज जमीन का विवाद करीब चार माह से चला आ रहा है। बावजूद इसके जिला प्रशासन मामले को अब तक नहीं सुलझा पाया है। ऐसे में राहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस मामले को लेकर डीएम और एडीएम प्रशासन काफी संजीदा हैं। फिर भी अड़चन दूर नहीं हुई है।
कोट्स
किसानों को समझाकर वाजिब मुआवजे दिलवाने के लिए कई स्तरों पर बात चल रही है। कुछ किसान रजामंद हैं तो एक दो किसान अड़ंगा डाल रहे हैं। उनको भी समझाने की कोशिश की जा रही है। - विशाल सिंह , एडीएम प्रशासन,बुलंदशहर
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जिला प्रशासन लंबे समय से 2.5 गज जमीन की समस्या का समाधान नहीं करावा पाया है। पांच दिन पहले एसडीएम सिकंदराबाद और एडीएम प्रशासन विशाल सिंह बिलसूरी में किसानोें से मिले भी, लेकिन मुलाकात का परिणाम सकारात्मक नहीं निकला। किसानों का कहना है उनको हाईवे किनारे वाली जमीन का रेट कम से कम 10 हजार रुपये मीटर के हिसाब से मिलना चाहिए। भूमि के साथ-साथ निर्माण सामग्री का रेट अलग से मिले। पुराने रेट पर किसान कीमती जमीन नहीं देंगे। बता दें कि 2.5 गज जमीन का विवाद करीब चार माह से चला आ रहा है। बावजूद इसके जिला प्रशासन मामले को अब तक नहीं सुलझा पाया है। ऐसे में राहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस मामले को लेकर डीएम और एडीएम प्रशासन काफी संजीदा हैं। फिर भी अड़चन दूर नहीं हुई है।
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किसानों को समझाकर वाजिब मुआवजे दिलवाने के लिए कई स्तरों पर बात चल रही है। कुछ किसान रजामंद हैं तो एक दो किसान अड़ंगा डाल रहे हैं। उनको भी समझाने की कोशिश की जा रही है। - विशाल सिंह , एडीएम प्रशासन,बुलंदशहर
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