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अब स्मार्ट होगा टीबी दवा का पैकेट, लगी होगी चिप
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:11 AM IST
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फाइल फोटो
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बुलंदशहर। अब टीबी रोगियों की दवा के पैकेट पर चिप लगी हुई मिलेगी। चिप हटाने पर ही पैकेट खुलेगा। किस रोगी ने कब से दवा शुरू की और कब तक चलेगी, इसकी जानकारी के लिए पैकेट पर चिप लगाई जाएगी। पैकेट खुलने पर चिप के जरिए रोगी का पूरा ब्योरा विभागीय कंट्रोल रूम में फीड हो जाएगा। क्षय रोग विभाग जल्द यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
केंद्र सरकार टीबी रोग को जड़ से खत्म करने के लिए नई-नई योजनाएं चला रहा है। अब केंद्र सरकार ने टीबी रोगियों को मिलने वाली दवा समय से मिल रहीं है या नहीं इसकी योजना के लिए नई तकनीकि अपनाने जा रहा है। जानकारी के अनुसार टीबी रोगियों को डॉट्स केंद्र पर बुलाकर दवा खिलाने, मिस कॉल द्वारा दवा खाने की जानकारी देने के बाद भी टीबी रोगी बीच में दवाई खाना छोड़ रहे है। इससे बीमारी और अधिक बढ़ जाती है। गत माह क्षय रोग विभाग ने ‘निश्चय-2’ पोर्टल लांच किया था। इसमें रोगियों का पता, दवा शुरू होने, जांच और कोर्स पूरा होने की अवधि आदि फीड की जा रही है। पोर्टल द्वारा छह से सात अंकों की आइडी जारी की जा रही है। आइडी से रोगी के संबंध में कहीं भी बैठकर जानकारी की जा सकती है। अब क्षय रोग विभाग टीबी दवाओं के पैकेट को स्मार्ट बनाने की तैयारी करने में जुट गया है।
वजन के हिसाब से मिलती है दवा
जिले में हर साल करीब तीन से चार हजार टीबी रोगी दवा लेने आते हैं। सभी को वजन के हिसाब से अलग-अलग दवा दी जाती है। अलग-अलग कारण से करीब 10-15 फीसदी रोगी बीच में ही दवा छोड़कर अपनी बीमारी बढ़ा लेते हैं। अब हर दवा के पैकेट पर चिप लगाने के साथ टोल फ्री नंबर और मरीजों को आइडी भी मिलेगी।
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कोट
अब क्षय रोगी दवा समय से खा रहे या नहीं इसकी जानकारी चिप युक्त दवा के नए पैकेट से आसानी से लग सकेगा। पैकेट खुलते ही विभागीय अफसरों को रोगी और मर्ज के बारे में जानकारी हो जाएगी। इस व्यवस्था से डाट्स केंद्रों पर रोगियों की दवाओं के पैकेट खोलने में स्वास्थ्य कर्मी भी लापरवाही नहीं कर सकेंगे। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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केंद्र सरकार टीबी रोग को जड़ से खत्म करने के लिए नई-नई योजनाएं चला रहा है। अब केंद्र सरकार ने टीबी रोगियों को मिलने वाली दवा समय से मिल रहीं है या नहीं इसकी योजना के लिए नई तकनीकि अपनाने जा रहा है। जानकारी के अनुसार टीबी रोगियों को डॉट्स केंद्र पर बुलाकर दवा खिलाने, मिस कॉल द्वारा दवा खाने की जानकारी देने के बाद भी टीबी रोगी बीच में दवाई खाना छोड़ रहे है। इससे बीमारी और अधिक बढ़ जाती है। गत माह क्षय रोग विभाग ने ‘निश्चय-2’ पोर्टल लांच किया था। इसमें रोगियों का पता, दवा शुरू होने, जांच और कोर्स पूरा होने की अवधि आदि फीड की जा रही है। पोर्टल द्वारा छह से सात अंकों की आइडी जारी की जा रही है। आइडी से रोगी के संबंध में कहीं भी बैठकर जानकारी की जा सकती है। अब क्षय रोग विभाग टीबी दवाओं के पैकेट को स्मार्ट बनाने की तैयारी करने में जुट गया है।
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वजन के हिसाब से मिलती है दवा
जिले में हर साल करीब तीन से चार हजार टीबी रोगी दवा लेने आते हैं। सभी को वजन के हिसाब से अलग-अलग दवा दी जाती है। अलग-अलग कारण से करीब 10-15 फीसदी रोगी बीच में ही दवा छोड़कर अपनी बीमारी बढ़ा लेते हैं। अब हर दवा के पैकेट पर चिप लगाने के साथ टोल फ्री नंबर और मरीजों को आइडी भी मिलेगी।
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अब क्षय रोगी दवा समय से खा रहे या नहीं इसकी जानकारी चिप युक्त दवा के नए पैकेट से आसानी से लग सकेगा। पैकेट खुलते ही विभागीय अफसरों को रोगी और मर्ज के बारे में जानकारी हो जाएगी। इस व्यवस्था से डाट्स केंद्रों पर रोगियों की दवाओं के पैकेट खोलने में स्वास्थ्य कर्मी भी लापरवाही नहीं कर सकेंगे। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ