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मोबाइल बताएगा शहर में कहां हैं शौचालय

Sat, 13 Jan 2018 11:29 PM IST
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:29 PM IST
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मोबाइल बताएगा शहर में कहां हैं शौचालय
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- स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर एप के माध्यम से मिलेगी जानकारी
- निकायों को गूगल मैप पर अपलोड करनी होगी सार्वजनिक शौचालयों की लोकेशन
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर।
जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण चीज बन चुका मोबाइल अब लोगों को शहर के शौचालयों की लोकेशन भी बताएगा। स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर एप के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए नगर पालिका अफसर प्रत्येक सार्वजनिक शौचालय की लोकेशन को गूगल मैप पर अपलोड करेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच की प्रथा पर रोक लगाने के लिए अब अनोखी पहल की जा रही है। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइड लाइन के तहत निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों के सार्वजनिक शौचालयों की वास्तविक स्थिति का सर्वे कर उनकी इमेज को गूगल मैप पर अपलोड कराना होगा। मोबाइल एप की मदद से कोई भी व्यक्ति एक क्लिक में शौचालय की स्थिति की जानकारी कर सकेगा। अपलोड की गई इमेज में स्थान के साथ उस मार्ग की भी पूरी जानकारी देनी होगी। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कोई भी व्यक्ति स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर नामक सॉफ्टवेयर की मदद से अपने मोबाइल फोन पर ही अपने निकाय के सबसे नजदीकी शौचालय की स्थिति और दूरी की जानकारी हासिल कर सकेगा। इमेज अपलोडिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही सॉफ्टवेयर पूरी तरह से काम करेगा। शासन के आदेश मिलने पर नगर पालिका अफसर फिलहाल सार्वजनिक शौचालयों के पूरे नक्शे को गूगल मैप पर अपलोड करने की बात कर रहे हैं।
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शासन द्वारा जारी आदेश
शौचालय इस तरह बनाए गए हों कि वह दूर से दिखाई दें।
शौचालयों की साफ सफाई व रंगाई-पुताई का विशेष प्रबंध होना चाहिए।
शौचालयों में पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
सफाई कर्मियों के अलावा शिकायत रजिस्टर भी होना चाहिए।
शौचालयों की प्रति सप्ताह निगरानी की रिपोर्ट रजिस्टर में दर्ज होनी चाहिए।

कोट-
सार्वजनिक शौचालयों का नक्शा गूगल मैप पर अपलोड करने के लिए शासन के आदेश मिल चुके हैं। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आदेशानुसार आगे की कार्रवाई भी जारी है। - एके सिंह, ईओ नगर पालिका बुलंदशहर
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अब प्रदूषण के लिए ऑनलाइन मिलेगी एनओसी
- प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड में ऑनलाइन एनओसी ई-अलर्ट सेवा की हुई शुरूआत
- नई व्यवस्था शुरू होने से कार्यालय के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति
मनोज चौधरी
बुलंदशहर। प्रदूषण बोर्ड में एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद अब एनओसी की लोकेशन की भी जानकारी ई-अलर्ट के जरिए मिलेगी। इसके लिए अब आवेदनकर्ता को विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एनओसी में क्या प्रगति है और अब इसमें क्या कार्य शेष है, इसकी जानकारी भी समय-समय पर सिस्टम देता रहेगा। उद्यमियों की सुविधा के लिए विभाग की ओर से यह योजना लागू की जा रही है।
उद्योग, फैक्ट्रियों को लगाने के लिए प्रदूषण विभाग की एनओसी के लिए लोगों को अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। इस झंझट से छुटकारा दिलाने के लिए अब शासन ने प्रदूषण की एनओसी ऑनलाइन जारी करने का फैसला लिया है। कोई भी व्यक्ति विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रताड़ना का शिकार न हो, इसके लिए ई-अलर्ट सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय एक मोबाइल नंबर देना होगा। विभाग की ओर से उसे ई-अलर्ट सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। नंबर के इस सिस्टम से जुड़ते ही यह सिस्टम उसके प्रमाणपत्र में हो रही प्रगति की समय-समय पर जानकारी देता रहेगा। वहीं इसमें अगर किसी भी प्रकार की कमी होगी तो वह भी इसी से पता चल जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इससे आवेदनकर्ताओं को काफी आसानी होगी। प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जीएस श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की ओर से ऑनलाइन कंसेंट मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम जारी किया गया है। इसे ई-अलर्ट का भी नाम दिया जा सकता है। ऑनलाइन एनओसी जारी करने की शुरुआत कर दी गई है। ब्यूरो

मोबाइल पर मिलेगी रोडवेज बसों की लोकेशन
- रेलवे की तर्ज पर परिवहन निगम ने लांच किया एप
- यूपीएसआरटीसी ट्रैक योर बस एप की मदद से मिलेगी पल-पल की जानकारी
चेतन शर्मा
बुलंदशहर।
रोडवेज बस के लिए अब यात्रियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मोबाइल पर रोडवेज बसों की हर पल की अपडेट मिलेगी। इसके लिए यूपीएसआरटीसी ट्रैक योर बस एप लांच किया गया है। इसे शुरू करने के लिए निगम के अफसरों ने तैयारी कर ली है।

रोडवेज की बसों में जीपीएस पहले से लगे हुए हैं। इसके चलते निगम के अफसर उसकी लोकेशन और स्पीड आदि की जानकारी हासिल कर लेते हैं। हालांकि निगम की ओर से बसों की समयसारिणी जारी होती है, लेकिन यात्रियों को बसों का लंबा इंतजार करना पड़ता है। यह समस्या रोडवेज अड्डे से बाहर बस स्टैंड पर खड़े यात्रियों को ज्यादा झेलनी पड़ती है। इस समस्या से यात्रियों को निजात दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन ने अब रेलवे की तर्ज पर बसों की लोकेशन मोबाइल पर देने की शुरूआत की है। अफसरों के अनुसार अब तक यह सुविधा एसी और वॉल्वो बसों में थी, लेकिन अब साधारण बसों में भी इसकी शुरूआत की जा रही है। इससे यात्रियों को काफी हद तक परेशानी से राहत मिलेगी। इसके शुरू होने से रोडवेज की बसों में रेलवे की तर्ज पर यात्री लोकेशन और आने-जाने का समय भी जान सकेंगे। जिले में यह सुविधा बुलंदशहर डिपो की 115, खुर्जा की 81 और सिकंदराबाद डिपो की 59 बसाें में की जाएगी। एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि रोडवेज की साधारण बसों की लोकेशन अब जल्द ही निगम की ओर से लांच किए गए एप के जरिए यात्रियों को मोबाइल पर मिलेगी। निगम के आदेश पर यह सुविधा शुरू की जा रही है। जल्द ही इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा। ब्यूरो
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