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10 हजार अपात्र राशन कार्ड धारकों के लिस्ट से कटे नाम
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:25 PM IST
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10 हजार अपात्र राशन कार्ड धारकों के लिस्ट से कटे नाम
- अपात्रों को योजना से बाहर करने के लिए चल रहा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल अपात्रों की पहचान करने के लिए सर्वे का काम जारी है। इस बार करीब 10 हजार अपात्र राशन कार्ड धारकों का नाम लिस्ट से काट दिया गया है। अफसरों का दावा है कि अपात्रों को योजना से बाहर करने के लिए सर्वे जारी रहेगा।
जिले में खाद्य सुरक्षा योजना की शुरूआत जनवरी 2016 में हुई। योजना के शुरू होते ही पात्रों ने अपात्रों को लाभ मिलने की शिकायत शुरू कर दी। इस पर प्रशासन के आदेश पर कई बार सर्वे हुआ और समय-समय पर अपात्रों को योजना से बाहर करने का काम भी किया गया। बावजूद इसके अब भी बड़ी संख्या में योजना के तहत अपात्रों को लाभ मिल रहा है। अब ऐसे अपात्र उपभोक्ताओं को योजना से बाहर करने के लिए सर्वे का काम जारी है। यह काम गांव में सफाई कर्मचारियों से करवाया जा रहा है। वह पता लगा रहे हैं कि कौन पात्र हैं और कौन अपात्र हैं। पिछले करीब 10 दिन से जारी इस सर्वे में जिले की 1426 राशन की दुकानों से संबंधित लगभग 10 हजार अपात्रों के लिस्ट से नाम कट गए हैं। यह ऐसे अपात्र हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन और अन्य सुविधाएं हैं। ऐसे अपात्र उपभोक्ता राशन लेने के लिए दुकान पर पहुंच रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि योजना में एक भी अपात्र को नहीं छोड़ा जाएगा। सर्वे का काम जारी है। योजना से जिन अपात्र उपभोक्ताओं को बाहर किया जा रहा है, उनके स्थान पर पात्र उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा।
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- अपात्रों को योजना से बाहर करने के लिए चल रहा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल अपात्रों की पहचान करने के लिए सर्वे का काम जारी है। इस बार करीब 10 हजार अपात्र राशन कार्ड धारकों का नाम लिस्ट से काट दिया गया है। अफसरों का दावा है कि अपात्रों को योजना से बाहर करने के लिए सर्वे जारी रहेगा।
जिले में खाद्य सुरक्षा योजना की शुरूआत जनवरी 2016 में हुई। योजना के शुरू होते ही पात्रों ने अपात्रों को लाभ मिलने की शिकायत शुरू कर दी। इस पर प्रशासन के आदेश पर कई बार सर्वे हुआ और समय-समय पर अपात्रों को योजना से बाहर करने का काम भी किया गया। बावजूद इसके अब भी बड़ी संख्या में योजना के तहत अपात्रों को लाभ मिल रहा है। अब ऐसे अपात्र उपभोक्ताओं को योजना से बाहर करने के लिए सर्वे का काम जारी है। यह काम गांव में सफाई कर्मचारियों से करवाया जा रहा है। वह पता लगा रहे हैं कि कौन पात्र हैं और कौन अपात्र हैं। पिछले करीब 10 दिन से जारी इस सर्वे में जिले की 1426 राशन की दुकानों से संबंधित लगभग 10 हजार अपात्रों के लिस्ट से नाम कट गए हैं। यह ऐसे अपात्र हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन और अन्य सुविधाएं हैं। ऐसे अपात्र उपभोक्ता राशन लेने के लिए दुकान पर पहुंच रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि योजना में एक भी अपात्र को नहीं छोड़ा जाएगा। सर्वे का काम जारी है। योजना से जिन अपात्र उपभोक्ताओं को बाहर किया जा रहा है, उनके स्थान पर पात्र उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा।
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