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पावर कॉरपोरेशन जेई नहीं कर रहे शासनादेश का पालन
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:25 PM IST
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पावर कॉरपोरेशन जेई नहीं कर रहे शासनादेश का पालन
- उपभोक्ताओं की समस्या सुनने के लिए सुबह 9 से 11 बजे तक खोलने थे दफ्तर
- अधिकतर जेईयों के दफ्तरों पर लगा रहता है ताला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन के जेई शासन के आदेशों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं। शासन द्वारा जनसमस्या सुनने के आदेशों के बाद भी जेई दफ्तरों से गायब चल रहे हैं। समयावधि में जेई जनसमस्याएं सुनने के बजाए इधर-उधर घूमकर समय बिता देते हैं।
शासन ने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जेई को भी जनसमस्याएं सुनने के आदेश दिए थे। आदेशों के तहत प्रत्येक दिन जेई सुबह 9 से 11 बजे तक अपने दफ्तरों में बैठकर लोगों की समस्या का समाधान करना था। लेकिन जेई आदेशों को ताक पर रखकर न तो दफ्तर पहुंचते हैं। जिसके कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। शहर में अधिकतर बिजलीघरों के जेई दोपहर के समय में दफ्तर पहुंचते हैं और इसके बाद कार्रवाई व अफसरों के साथ बैठक का बहाना लेकर फिर गायब हो जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई जेईयों के दफ्तरों पर पूरे दिन ताला बंद रहता है, जबकि रात के अंधेरे में जेई अपना दफ्तर खोलकर बैठते हैं। एसई संजीव राना ने बताया कि जेई को जनसमस्याएं सुनने के आदेश जारी किए गए थे, यदि आदेशों का पालन नहीं हो रहा है तो जेई पर कार्रवाई की जाएगी।
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- उपभोक्ताओं की समस्या सुनने के लिए सुबह 9 से 11 बजे तक खोलने थे दफ्तर
- अधिकतर जेईयों के दफ्तरों पर लगा रहता है ताला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन के जेई शासन के आदेशों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं। शासन द्वारा जनसमस्या सुनने के आदेशों के बाद भी जेई दफ्तरों से गायब चल रहे हैं। समयावधि में जेई जनसमस्याएं सुनने के बजाए इधर-उधर घूमकर समय बिता देते हैं।
शासन ने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जेई को भी जनसमस्याएं सुनने के आदेश दिए थे। आदेशों के तहत प्रत्येक दिन जेई सुबह 9 से 11 बजे तक अपने दफ्तरों में बैठकर लोगों की समस्या का समाधान करना था। लेकिन जेई आदेशों को ताक पर रखकर न तो दफ्तर पहुंचते हैं। जिसके कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। शहर में अधिकतर बिजलीघरों के जेई दोपहर के समय में दफ्तर पहुंचते हैं और इसके बाद कार्रवाई व अफसरों के साथ बैठक का बहाना लेकर फिर गायब हो जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई जेईयों के दफ्तरों पर पूरे दिन ताला बंद रहता है, जबकि रात के अंधेरे में जेई अपना दफ्तर खोलकर बैठते हैं। एसई संजीव राना ने बताया कि जेई को जनसमस्याएं सुनने के आदेश जारी किए गए थे, यदि आदेशों का पालन नहीं हो रहा है तो जेई पर कार्रवाई की जाएगी।
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