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Budaun News: कब्र खोदे जाने को लेकर दो पक्ष आए आमने-सामने
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पुलिस मौके पर पहुंची, समझाकर मामला किया शांत
संवाद न्यूज़ एजेंसी
वजीरगंज। बनी हुई पक्की कब्र के ऊपर कब्र खोदे जाने पर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, पुलिस ने आपसी सहमति से मामला निपटाने पर जोर देते हुए शांति व्यवस्था बिगड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बाद में एक पक्ष शव को सरकारी कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हो गया।
कस्बे के वार्ड संख्या 12 निवासी निज़ामुद्दीन की 70 वर्षीय पत्नी जामना बेगम का शुक्रवार को इंतकाल हो गया था। शाम को लोग शव को दफनाने मोहल्ला तकिया के कब्रिस्तान में ले गए। कब्र खोदने के दौरान पूर्व चेयरमैन मो. उमर क़ुरैशी सहित उनके पक्ष के तमाम लोग भी वहां पहुंच गए, उन्होंने वहां कब्र खोदने से मना किया तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
उमर क़ुरैशी का कहना था कि उनके दादा की बनी पक्की कब्र के चबूतरे को तोड़कर कब्र खोदी जा रही है जो कि गलत है, जबकि दूसरा पक्ष वहीं कब्र खोदने पर अड़ा था। उसका कहना था कि बरसात होने से पूरे कब्रिस्तान में पानी भरा पड़ा है, और कहीं जगह नही है। विवाद बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला आपसी सहमति से निपटाने को कहा, साथ ही स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों को कार्रवाई की चेतावनी भी। बाद में कुछ बुजुर्ग तथा सभ्रांत लोगों के समझाने पर शव दफनाने आए लोग सरकारी कब्रिस्तान में शव दफनाने को राजी हो गए तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
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इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय का कहना है कि मामला एक ही संप्रदाय का होने के कारण दोनों पक्षों को समझा दिया गया है। बुजुर्गों के समझाने पर दूसरा पक्ष दूसरी जगह पर शव दफनाने को राजी हो गया है।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
वजीरगंज। बनी हुई पक्की कब्र के ऊपर कब्र खोदे जाने पर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, पुलिस ने आपसी सहमति से मामला निपटाने पर जोर देते हुए शांति व्यवस्था बिगड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बाद में एक पक्ष शव को सरकारी कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हो गया।
कस्बे के वार्ड संख्या 12 निवासी निज़ामुद्दीन की 70 वर्षीय पत्नी जामना बेगम का शुक्रवार को इंतकाल हो गया था। शाम को लोग शव को दफनाने मोहल्ला तकिया के कब्रिस्तान में ले गए। कब्र खोदने के दौरान पूर्व चेयरमैन मो. उमर क़ुरैशी सहित उनके पक्ष के तमाम लोग भी वहां पहुंच गए, उन्होंने वहां कब्र खोदने से मना किया तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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उमर क़ुरैशी का कहना था कि उनके दादा की बनी पक्की कब्र के चबूतरे को तोड़कर कब्र खोदी जा रही है जो कि गलत है, जबकि दूसरा पक्ष वहीं कब्र खोदने पर अड़ा था। उसका कहना था कि बरसात होने से पूरे कब्रिस्तान में पानी भरा पड़ा है, और कहीं जगह नही है। विवाद बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला आपसी सहमति से निपटाने को कहा, साथ ही स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों को कार्रवाई की चेतावनी भी। बाद में कुछ बुजुर्ग तथा सभ्रांत लोगों के समझाने पर शव दफनाने आए लोग सरकारी कब्रिस्तान में शव दफनाने को राजी हो गए तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
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इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय का कहना है कि मामला एक ही संप्रदाय का होने के कारण दोनों पक्षों को समझा दिया गया है। बुजुर्गों के समझाने पर दूसरा पक्ष दूसरी जगह पर शव दफनाने को राजी हो गया है।