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Budaun News: 65 से 55 पर आई चीनी, मगर कम नहीं हुए मिठाई के दाम
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शहर में एक दुकान पर रखी मिठाई। संवाद
बदायूं। आगामी त्योहारों से पहले लोगों के लिए राहत की खबर है। चीनी के दाम में गिरावट आई है। दो माह पहले फुटकर में 65 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 55 रुपये प्रतिकिलो पर पहुंच गई है। थोक में चीनी 5020 रुपये क्विंटल मिल रही है। बावजूद इसके मिठाइयों के दाम कम नहीं हुए हैं।
लोगों का कहना है कि जब चीनी के दाम बढ़े थे तो हलवाइयों ने मिठाई के दाम 20 से 50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए थे। उस समय चीनी महंगी होने का हवाला दिया गया था। अब चीनी सस्ती हो गई है, लेकिन मिठाइयों के दाम वहीं के वहीं हैं। शहर के मुख्य बाजार, चौक और मोहल्लों में मिठाई 280 से 400 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और पेड़ा के दामों में कोई कमी नहीं आई है। ग्राहकों का कहना है कि चीनी सस्ती होने का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
मिठाई कारोबारी दिलीप गुप्ता का कहना है कि चीनी के अलावा दूध, खोया, गैस, तेल और कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है, इसलिए सिर्फ चीनी सस्ती होने से मिठाई के दाम कम करना संभव नहीं है। चीनी थोक व्यापारी प्रेमशंकर अग्रवाल ने बताया कि इस समय चीनी का 50 किलो का कट्टा 2510 रुपये का बेचा जा रहा है।
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ग्राहकों का कहना है कि जब दाम बढ़ाने के लिए चीनी का बहाना बनाया गया था, तो अब सस्ती होने पर दाम घटाने चाहिए। दीपावली नजदीक होने से मिठाई की मांग बढ़ेगी, ऐसे में दाम कम न होने से त्योहार की मिठास पर महंगाई का असर दिख सकता है।
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लोगों का कहना है कि जब चीनी के दाम बढ़े थे तो हलवाइयों ने मिठाई के दाम 20 से 50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए थे। उस समय चीनी महंगी होने का हवाला दिया गया था। अब चीनी सस्ती हो गई है, लेकिन मिठाइयों के दाम वहीं के वहीं हैं। शहर के मुख्य बाजार, चौक और मोहल्लों में मिठाई 280 से 400 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
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बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और पेड़ा के दामों में कोई कमी नहीं आई है। ग्राहकों का कहना है कि चीनी सस्ती होने का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
मिठाई कारोबारी दिलीप गुप्ता का कहना है कि चीनी के अलावा दूध, खोया, गैस, तेल और कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है, इसलिए सिर्फ चीनी सस्ती होने से मिठाई के दाम कम करना संभव नहीं है। चीनी थोक व्यापारी प्रेमशंकर अग्रवाल ने बताया कि इस समय चीनी का 50 किलो का कट्टा 2510 रुपये का बेचा जा रहा है।
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ग्राहकों का कहना है कि जब दाम बढ़ाने के लिए चीनी का बहाना बनाया गया था, तो अब सस्ती होने पर दाम घटाने चाहिए। दीपावली नजदीक होने से मिठाई की मांग बढ़ेगी, ऐसे में दाम कम न होने से त्योहार की मिठास पर महंगाई का असर दिख सकता है।