हादसे का खतरा: बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे लावारिस जानवर, कई जगहों पर सुरक्षा दीवार टूटी
बदायूं जिले में कई जगहों पर गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार टूट गई है। टूटी दीवारों से जानवर एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा है। बिनावर इंटरचेंज के पास एक किलोमीटर तक अंधेरा रहता है।
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बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। दातागंज क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवारें कई जगहों पर टूटी हुई हैं, जिससे जानवर आसानी से सड़क पर पहुंच रहे हैं। बिनावर इंटरचेंज के पास एक किलोमीटर तक लाइटें न होने से रात में खतरा बढ़ गया है।
जनपद की सीमा में कई स्थानों पर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हैं। दातागंज इंटरचेंज के पास टूटी दीवार से जानवर एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं, जिससे कई हादसे हुए हैं। ब्रह्मदेव मंदिर से डहरपुर इंटरचेंज तक दो किलोमीटर के दायरे में चार जगहों पर दीवारें टूटी हैं। इन्हीं रास्तों का उपयोग कर चोरों ने खंभों से केबल और एमसीबी चोरी किए। इन रास्तों से गोवंश और कुत्ते भी एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं।
वाहनों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने के कारण जानवरों के अचानक सामने आने से कई वाहन पलट चुके हैं और लोग घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के वरिष्ठ अधिकारी सुनंत कुमार सुमन ने बताया कि क्षतिग्रस्त दीवारों की जानकारी मिलने पर कार्यदायी संस्था से मरम्मत कराई जाती है। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अधिकारी भी नियुक्त है।
स्थानीय लोग परेशान
इंटरचेंज पर तैनात अधिकारी राकेश ने बताया कि सुरक्षा दीवारें गांव वाले तोड़ देते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने भी ग्रामीणों को ही दीवार तोड़ने का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन टूटी दीवारों की मरम्मत नहीं हुई। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने जल्द मरम्मत और नियमित निगरानी की मांग की है ताकि पशु एक्सप्रेसवे पर न आएं।
एक किलोमीटर तक अंधेरा, हादसे का डर
बिनावर इंटरचेंज से टोल प्लाजा तक लाइटें लगी हैं, लेकिन टोल के बाद प्रयागराज की ओर एक किलोमीटर तक अंधेरा रहता है। एक्सप्रेसवे जैसे हाईस्पीड कॉरिडोर पर हर 50 से 100 मीटर पर लाइट होनी चाहिए। यहां एक लाइट से दूसरी लाइट की दूरी करीब एक किलोमीटर है। रात में तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति खतरनाक है। अंधेरे में गोवंश या अन्य वाहन दिखाई न देने से हादसे का खतरा बना रहता है।
वजीरंगज में बनकोटा इंटरचेंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर कई जगह सड़क धंसने की शिकायतें मिली थीं। बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह बैठ गई थी। निर्माण एजेंसी ने धंसी हुई सड़कों की मरम्मत कर गड्ढों को भर दिया है। हालांकि, वाहन चालकों का कहना है कि यह मरम्मत अस्थायी है। स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य जरूरी है।