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Budaun News: बीमारियां जान ले रहीं, फॉगिंग मशीन घर में धरे बैठे प्रधान
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गौरामई गांव में सड़क पर भरा पानी। संवाद
गांवों में कई लोग बुखार से चल रहे हैं पीड़ित, लोगों की मच्छरजनित बीमारियों से हो रही मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। डेंगू, मलेरिया और वायरल से जिले के लोग बेहाल हैं, मच्छर जनित बीमारियों की वजह से जिले में कई मौत हो चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन पहले से मौजूद हैं। बावजूद इसके प्रधान फॉगिंग कराने में रुचि ही नहीं ले रहे हैं।
जिले में मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से 100 से ज्यादा गांव हाईरिस्क श्रेणी में आते हैं। इन गांवों में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार फैला हुआ है। अब तक कई लोगों की बुखार के चलते मौत भी हो चुकी हैं। काफी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर कदम भी उठाए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों तक कोई खास राहत नहीं पहुंच पा रही है।
जिला मलेरिया विभाग मच्छरों से निपटने के लिए समय-समय पर फॉगिंग कराता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को फॉगिंग मशीन भी मुहैया कराई गई है। साथ ही दवाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन प्रधान कीटनाशक का छिड़काव करने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
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गांव वार्खिन निवासी सतीश चंद्र शर्मा, रमेश, श्याम सिंह, जानकी आदि ने बताया कि गांव में फॉगिंग नहीं कराई गई है। जिसकी वजह से मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं। गांव में बुखार से मौत भी हो चुकी है। मरौरी के ज्ञानेंद्र मिश्रा, मनोज सोलंकी, राहुल, संदीप आदि ने बताया कि गांव में अभी तक फाॅगिग नहीं हुई है। गांव में गंदगी में फैली हुई है। नालियों पूरी तरह से चोक है।
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दवाई नहीं होने के कारण अब तक गांव में फॉगिंग नहीं करा पाए हैं, जल्द ही दवा की खरीदारी करके फॉगिंग करा दी जाएगी। जिससे लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाया जा सके।
-आशीष कुमार, प्रधान सेहा बौरा
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करीब 20 दिन पहले बीज की दुकान से कीटनाशक दवा की खरीदारी की थी। तब गांव में छिड़काव कराया था। अभी सरकारी दवा नहीं मिली। इस वजह से गांव में फॉगिंग नहीं हो सकी है।
-धीर सिंह, प्रधान बिहारी की गौटिया
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जिला मुख्यालय से फॉगिंग के लिए दवा का वितरण किया जा रहा है, जो भी लेने के लिए आता है। उसको दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही छिड़काव के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रधानों को लार्वा खत्म करने के लिए टेमोफॉस दवाई उपलब्ध कराई गई है।
-योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। डेंगू, मलेरिया और वायरल से जिले के लोग बेहाल हैं, मच्छर जनित बीमारियों की वजह से जिले में कई मौत हो चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन पहले से मौजूद हैं। बावजूद इसके प्रधान फॉगिंग कराने में रुचि ही नहीं ले रहे हैं।
जिले में मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से 100 से ज्यादा गांव हाईरिस्क श्रेणी में आते हैं। इन गांवों में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार फैला हुआ है। अब तक कई लोगों की बुखार के चलते मौत भी हो चुकी हैं। काफी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर कदम भी उठाए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों तक कोई खास राहत नहीं पहुंच पा रही है।
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जिला मलेरिया विभाग मच्छरों से निपटने के लिए समय-समय पर फॉगिंग कराता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को फॉगिंग मशीन भी मुहैया कराई गई है। साथ ही दवाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन प्रधान कीटनाशक का छिड़काव करने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
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गांव वार्खिन निवासी सतीश चंद्र शर्मा, रमेश, श्याम सिंह, जानकी आदि ने बताया कि गांव में फॉगिंग नहीं कराई गई है। जिसकी वजह से मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं। गांव में बुखार से मौत भी हो चुकी है। मरौरी के ज्ञानेंद्र मिश्रा, मनोज सोलंकी, राहुल, संदीप आदि ने बताया कि गांव में अभी तक फाॅगिग नहीं हुई है। गांव में गंदगी में फैली हुई है। नालियों पूरी तरह से चोक है।
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दवाई नहीं होने के कारण अब तक गांव में फॉगिंग नहीं करा पाए हैं, जल्द ही दवा की खरीदारी करके फॉगिंग करा दी जाएगी। जिससे लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाया जा सके।
-आशीष कुमार, प्रधान सेहा बौरा
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करीब 20 दिन पहले बीज की दुकान से कीटनाशक दवा की खरीदारी की थी। तब गांव में छिड़काव कराया था। अभी सरकारी दवा नहीं मिली। इस वजह से गांव में फॉगिंग नहीं हो सकी है।
-धीर सिंह, प्रधान बिहारी की गौटिया
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जिला मुख्यालय से फॉगिंग के लिए दवा का वितरण किया जा रहा है, जो भी लेने के लिए आता है। उसको दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही छिड़काव के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रधानों को लार्वा खत्म करने के लिए टेमोफॉस दवाई उपलब्ध कराई गई है।
-योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी

गौरामई गांव में सड़क पर भरा पानी। संवाद

गौरामई गांव में सड़क पर भरा पानी। संवाद