बदायूं: जगत पिपरी गांव में डेंगू से जान गंवा रहे लोग, स्वास्थ्य विभाग की जांच में रिपोर्ट आ रही निगेटिव
बदायूं जिले के जगत पिपरी गांव में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है, जिससे लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दो दिनों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में भारी गंदगी फैली है। सफाई के नाम पर गांव में घुसते ही जगह-जगह जलभराव है।
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बदायूं के इस्लामनगर क्षेत्र के जगत पिपरी गांव में डेंगू के डंक की दहशत फैली हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अक्तूबर में शिविर लगाकर 1053 मरीजों की जांच की। जिसमें महज 20 ही डेंगू पॉजिटिव एंटीजन किट में पाए गए। जबकि बीते दो दिन में तीन डेंगू पीड़ितों की मौत हो चुकी है। गांव के 100 से अधिक लोगों ने निजी लैब में जांच कराई है, उनमें डेंगू के लक्षण बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को 60 ग्रामीणों की जांच की, जिसमें कोई भी डेंगू-मलेरिया पॉजिटिव नहीं आया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
गांव निवासी गुड़िया, सायरा, भूरि का कहना है कि पिछले लगभग चार-पांच दिन में जिस किसी ने भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जांच कराई तो अधिकांश की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं प्राइवेट लैब पर जांच करने पर पॉजिटिव आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम हर बीमारी के लिए एक ही दवाई दे रही है, जिसका कोई असर मरीज पर नहीं दिखाई दे रहा है। गांव की हर गली में किसी ना किसी को डेंगू है। हालत यह है कि लगभग दो हजार की आबादी वाले जगत पिपरी में बड़ी संख्या में लोग डेंगू पीड़ित बताए जा रहे हैं।
ये लोग हैं बीमार
गांव में जहूर अहमद सहित घर के जुनेद, मीना बेगम, गुड़िया, सायरा, भूरि सहित पूरा घर बीमार हैं। वहीं, जाहिद, शाहिद, वाजिद, साजिद, मोहम्मद उमर पांच सगे भाइयों के घर में लगभग चार दर्जन लोग बीमार हैं। जो डेंगू से पीड़ित बताए जा रहे हैं, वहीं, मृतक कस्तूरी देवी के घर में हिमांशु, सलोनी, रश्मि, नेमवती बीमार है। सलोनी चंदौसी के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं।
सरकारी में रिपोर्ट निगेटिव, प्राइवेट में डेंगू पॉजिटिव
गांव निवासी किशनवीर ने बताया कि उन्हें बहुत तेज ठंड लग कर बुखार आया था, पास में बक्सा रखा है। छोटे भाई से रजाई निकलवाई और एक के बाद करके, दो रजाई ओढ़ा दी। उनको सरकारी अस्पताल ले गए। वहां पर जांच कराई गई, तो डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आई, उसके बाद में प्राइवेट लैब में जांच कराई, तो वह पॉजिटिव आयी। मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल से डेंगू की दवाई ली है। सरकारी योजनाओं का और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं का गांव वालों को कोई बड़ा फायदा नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों को केवल पैरासिटामोल दवा देने का लगाया आरोप
गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाए हैं। इसमें बुखार पीड़ित, डेंगू पीड़ित आदि को दवाएं दी जा रही है, ताकि वह जल्द सही हो सके। वहीं, शाहिद, वाजिद, साजिद, मोहम्मद उमर समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि टीम की ओर से केवल पैरासिटामोल की गोलियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डेंगू, मलेरिया या सीजन बुखार है। सभी में केवल पैरासिटामोल टैबलेट दी जा रही है, जो इन बीमारियों के लिए नाकाफी है। यहीं वजह है कि ग्रामीण परेशान है।
रणवीर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग केवल अपनी कागजी कार्रवाई पूरी करने में लगा है। गांव में कौन मर रहा है। उनको इससे कोई लेना-देना है। केवल उसकी पुष्टि डेंगू से न निकले। यह साबित करने में पूरी ताकत लगा रहे हैं।
एमओआईसी रोहित कुमार ने बताया कि गांव में लगातार शिविर लगाया जा रहा है। लोगों की जांच कर, उनकी बीमारी के अनुसार दवा का वितरण किया जा रहा है।