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भाकियू नेता पर जानलेवा हमले में ‘षड़यंत्रकारी’ गिरफ्तार
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उझानी (बदायूं)। भारतीय किसान यूनियन के मंडलीय उपाध्यक्ष भागमल चौधरी को गोली मारकर घायल कर दिए जाने के मामले में पुलिस ने तीसरे अज्ञात व्यक्ति को भी दबोच लिया। षडयंत्र रचने के आरोप में बंदी राशिद नेता की नामजदों से नजदीकियां भी सामने आई हैं। पूछताछ के बाद उसे मंगलवार दोपहर में जेल भेज दिया गया।
मोहल्ला बहादुरगंज निवासी भाकियू नेता भागमल चौधरी को पांच दिन पहले रात में घर के बाहर गोली मार दी गई थी। गोली उनके पेट में लगी थी जिसके बाद उन्हें बरेली के हायर सेंटर पर इलाज के भर्ती कराया गया था। पुलिस ने घायल भाकियू नेता के बेटे रोहताश की तहरीर पर कुनबे के ही गजेंद्र और देवेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले की नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन तीसरे अज्ञात व्यक्ति को भी घटना में शामिल बताते हुए वादी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया था। विवेचक शिवेंद्र भदोरिया ने बताया कि बहादुरगंज मोहल्ले के ही निवासी राशिद नेता के तार भी घटना से जुड़े होने के सबूत मिले तो उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान राशिद ने खुद को बेगुनाह बताते हुए मामला प्रापर्टी से जुड़ा करार दिया है लेकिन वह नामजदों के संपर्क में रहा था। पुलिस की मानें तो राशिद नेता की मौजूदगी में ही भाकियू नेता पर जानलेवा हमले की योजना बनाई गई थी। उसके खिलाफ 120 बी में जानलेवा हमले के तहत कार्रवाई की गई है। बता दें कि पुलिस तीन दिन पहले ही नामजद देवेंद्र और गजेंद्र को तमंचा और कारतूस समेत गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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मोहल्ला बहादुरगंज निवासी भाकियू नेता भागमल चौधरी को पांच दिन पहले रात में घर के बाहर गोली मार दी गई थी। गोली उनके पेट में लगी थी जिसके बाद उन्हें बरेली के हायर सेंटर पर इलाज के भर्ती कराया गया था। पुलिस ने घायल भाकियू नेता के बेटे रोहताश की तहरीर पर कुनबे के ही गजेंद्र और देवेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले की नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन तीसरे अज्ञात व्यक्ति को भी घटना में शामिल बताते हुए वादी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया था। विवेचक शिवेंद्र भदोरिया ने बताया कि बहादुरगंज मोहल्ले के ही निवासी राशिद नेता के तार भी घटना से जुड़े होने के सबूत मिले तो उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान राशिद ने खुद को बेगुनाह बताते हुए मामला प्रापर्टी से जुड़ा करार दिया है लेकिन वह नामजदों के संपर्क में रहा था। पुलिस की मानें तो राशिद नेता की मौजूदगी में ही भाकियू नेता पर जानलेवा हमले की योजना बनाई गई थी। उसके खिलाफ 120 बी में जानलेवा हमले के तहत कार्रवाई की गई है। बता दें कि पुलिस तीन दिन पहले ही नामजद देवेंद्र और गजेंद्र को तमंचा और कारतूस समेत गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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