{"_id":"66493dee865dcd43a40935f7","slug":"every-road-costing-more-than-rs-1-crore-will-be-investigated-team-formed-badaun-news-c-123-1-sbly1002-118960-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: एक करोड़ रुपये की लागत से अधिक की प्रत्येक सड़क की होगी जांच, टीम गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: एक करोड़ रुपये की लागत से अधिक की प्रत्येक सड़क की होगी जांच, टीम गठित
Sun, 19 May 2024 05:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 19 May 2024 05:16 AM IST
विज्ञापन
बदायूं। एक करोड़ रुपये की लागत से अधिक मूल्य की बनी प्रत्येक सड़क की अब जांच की जाएगी। दो अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता अभिलेख लेकर मौके का निरीक्षण करेंगे। बदायूं के अभियंताओं को जांच कमेटी से दूर रखा गया है। जांच कमेटी का गठन लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अशोक कुमार अग्रवाल ने किया है। वह शासन के निर्देश पर शुक्रवार को बदायूं आए थे। शनिवार को भी उन्होंने बदायूं में सड़कों का निरीक्षण किया। अब रविवार को वह पीलीभीत की सड़कों का निरीक्षण करेंगे।
प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार की अध्यक्षता में बनी टीम में विकास प्राधिकरण के अभियंता उमाकांत सिंह और राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमाशंकर यादव शामिल हैं। जांच टीम ने वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्यों और उनके बदले किए गए भुगतान के अभिलेख खंगाले हैं। जितना भुगतान हुआ है उतना काम हुआ या नहीं, यह देखने के लिए शनिवार को जांच टीम ने दो सड़कों को देखा। वहीं, लोक निर्माण विभाग बदायूं खंड ने 2.15 करोड़ रुपये के डीजल की खरीद दिखाई थी। लेकिन, खरीद 20 लाख के डीजल की भी नहीं हुई थी। फर्जी एमबी बनाकर 15 करोड़ रुपये के भुगतान निकाले जाने का आरोप भी है। सिविल लाइंस निवासी अरुण कुमार के नाम से की गई इस शिकायत की जांच के लिए जांच टीम बनाई गई थी।
साल 2023-24 में डीजल खरीद के भी अभिलेख देखे। अभिलेखों में अभी तक कोई भी गड़बड़ी नहीं मिली है। छानबीन जारी है। जांच टीम 20 मई को प्रमुख सचिव को प्रारंभिक रिपोर्ट देगी। इस मामले में अहम बात य ही है कि जिस अरुण कुमार के नाम से शिकायत की गई है, वह अभी तक सामने नहीं आया है। जबकि लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने शिकायती पत्र में लिखे गए पते पर उसको तलाश भी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क अशोक कुमार की अध्यक्षता में बनी टीम में विकास प्राधिकरण के अभियंता उमाकांत सिंह और राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमाशंकर यादव शामिल हैं। जांच टीम ने वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्यों और उनके बदले किए गए भुगतान के अभिलेख खंगाले हैं। जितना भुगतान हुआ है उतना काम हुआ या नहीं, यह देखने के लिए शनिवार को जांच टीम ने दो सड़कों को देखा। वहीं, लोक निर्माण विभाग बदायूं खंड ने 2.15 करोड़ रुपये के डीजल की खरीद दिखाई थी। लेकिन, खरीद 20 लाख के डीजल की भी नहीं हुई थी। फर्जी एमबी बनाकर 15 करोड़ रुपये के भुगतान निकाले जाने का आरोप भी है। सिविल लाइंस निवासी अरुण कुमार के नाम से की गई इस शिकायत की जांच के लिए जांच टीम बनाई गई थी।
विज्ञापन
साल 2023-24 में डीजल खरीद के भी अभिलेख देखे। अभिलेखों में अभी तक कोई भी गड़बड़ी नहीं मिली है। छानबीन जारी है। जांच टीम 20 मई को प्रमुख सचिव को प्रारंभिक रिपोर्ट देगी। इस मामले में अहम बात य ही है कि जिस अरुण कुमार के नाम से शिकायत की गई है, वह अभी तक सामने नहीं आया है। जबकि लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने शिकायती पत्र में लिखे गए पते पर उसको तलाश भी किया है।
विज्ञापन