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Budaun News: सौ करोड़ खर्च करने के बाद भी जर्जर तारों से नहीं मिला छुटकारा
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बदायूं। जिलेभर में आरडीएसएस (रिवेंप्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत करीब सौ करोड़ से अधिक रुपये से विभिन्न कार्य कराए गए थे। इसके बावजूद कई जगह जर्जर तार नहीं बदले गए, वही तार लोगों पर मौत बनकर टूटकर गिर रहे हैं।
जिले में आरडीएसएस योजना के तहत 2025-26 के तहत बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कार्य कराए गए थे। इसमें जिले 72 नए कृषि फीडर बनाए गए थे। इनमें करीब एक हजार किलोमीटर नया तार डाला गया था। साथ ही 11 केवीए लाइन के 298 किलोमीटर लंबे तार डाले गए थे। तारों और ट्रांसफॉर्मर पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। दातागंज क्षेत्र में कई जगह जर्जर को बदला गया, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में कई जगह लाइन को ठीक नहीं किया। जिसकी वजह आए दिन हादसे हो रहे हैं। संवाद
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बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार हर योजना में काम किए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में बिजनेस प्लान के जर्जर तारों को बदलने का काम किया जाएगा। वहीं, जिले में झूलती हुई लाइनों को ठीक किया जा रहा है। -अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता
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जिले में आरडीएसएस योजना के तहत 2025-26 के तहत बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कार्य कराए गए थे। इसमें जिले 72 नए कृषि फीडर बनाए गए थे। इनमें करीब एक हजार किलोमीटर नया तार डाला गया था। साथ ही 11 केवीए लाइन के 298 किलोमीटर लंबे तार डाले गए थे। तारों और ट्रांसफॉर्मर पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। दातागंज क्षेत्र में कई जगह जर्जर को बदला गया, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में कई जगह लाइन को ठीक नहीं किया। जिसकी वजह आए दिन हादसे हो रहे हैं। संवाद
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बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार हर योजना में काम किए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में बिजनेस प्लान के जर्जर तारों को बदलने का काम किया जाएगा। वहीं, जिले में झूलती हुई लाइनों को ठीक किया जा रहा है। -अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता
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