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सीबीआई ने देहरादून तलब किए आठ क्लर्क
बदायूं।
Updated Fri, 29 Jan 2016 12:03 AM IST
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एनएचएम के तहत संचालित जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) समेत कई योजनाओं में वर्ष 2011 में बड़ा घोटाला सामने आया था। घोटाले से जुड़े कई सीएमओ की हत्या हुई तो तत्कालीन मायावती सरकार भी हिल गई। यह घोटाले 2008 से 2011 के बीच हुए थे। पूरे मामले में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। पड़ताल में पता लगा कि जिन जिलों में घोटाला हुआ है उनमें बदायूं भी शामिल है। जांच एजेंसी के रडार पर बदायूं भी आ गया। जांच के लिए सीबीआई की टीम कई बार बदायूं का दौरा चुकी है। पिछले महीने सीबीआई ने कई सीएचसी और पीएचसी का रिकार्ड खंगाला था। सीबीआई कागजों की जांच-पड़ताल लगभग पूरी कर चुकी है। अब एनएचएम के तहत संचालित योजनाओं को लंबे समय से देख रहे बाबुओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सीबीआई ने स्वास्थ्य विभाग के बाबू आरएस यादव, शिशुपाल सिंह, विजय कुमार, वेद गंगवार, राजेश राय, रफत हुसैन, सुरेश चंद्र, अनुराग सपरा को नोटिस जारी कर जांच एजेंसी के देहरादून मुख्यालय तलब किया है। सभी क्लर्कों के बयान चार फरवरी तक दर्ज कर लिए जाएंगे।
ऐसे हुआ था घोटाला
जननी सुरक्षा योजना के तहत एक ही महिला को कई-कई बार लाभ दे दिया गया। कई ऐसे मामले भी सामने आए कि फर्जी तौर पर संस्थागत प्रसव दिखाकर जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि का चेक जारी कर दिया गया। इस तरह के सबसे ज्यादा मामले दातागंज तहसील में सामने आए थे।
नोटिस जारी कर सीबीआई ने आठ लोगों को तलब किया है उनको अवगत करा दिया गया है। सभी से चार फरवरी तक देहरादून में पूछताछ होनी है। इस बारे में मैं कुछ ज्यादा नहीं कह सकता।-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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ऐसे हुआ था घोटाला
जननी सुरक्षा योजना के तहत एक ही महिला को कई-कई बार लाभ दे दिया गया। कई ऐसे मामले भी सामने आए कि फर्जी तौर पर संस्थागत प्रसव दिखाकर जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि का चेक जारी कर दिया गया। इस तरह के सबसे ज्यादा मामले दातागंज तहसील में सामने आए थे।
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नोटिस जारी कर सीबीआई ने आठ लोगों को तलब किया है उनको अवगत करा दिया गया है। सभी से चार फरवरी तक देहरादून में पूछताछ होनी है। इस बारे में मैं कुछ ज्यादा नहीं कह सकता।-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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