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Budaun : पुलिस के 'दुराचार' की वजह से पनप रहा था लोगों में गुस्सा, खाकी ने भी निकाली भड़ास
Sat, 10 Dec 2022 12:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, ककराला (बदायूं)
अमर उजाला नेटवर्क, ककराला (बदायूं)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Dec 2022 12:40 AM IST
सार
छह माह पहले बाइक सवार युवक रिहान ने ककराला चौकी पुलिस पर प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने, करंट लगाने और मारपीट का आरोप लगाया था। इसमें पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया था। तब से लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा पनप रहा था।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शुक्रवार रात ककराला कस्बे में हुए बवाल की वजह पुरानी घटना मानी जा रही है। छह माह पहले बाइक सवार युवक रिहान ने ककराला चौकी पुलिस पर प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने, करंट लगाने और मारपीट का आरोप लगाया था। इसमें पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया था। तब से लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा पनप रहा था, तो वहीं कई दिन तक मामला सुर्खियों में रहने से पुलिस भी गुस्से में थी। जब रात बवाल हुआ तो पुलिस ने भी अपनी भड़ास निकाल ली।
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यह मामला दो जून का है। उस दिन ककराला चौकी पुलिस ने रिहान को पशु तस्करी के आरोप में पकड़ा था। रिहान ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि उसे पुलिस चौकी में बंद करके रखा गया। उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला गया। उसे बिजली का करंट लगाया। उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत खराब हो गई। परिवार वाले कई दिन तक बुलंदशहर में उसका इलाज कराने का दावा करते रहे थे। यह मामला कई दिन तक सुर्खियों में रहा था। इसके बाद एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह, सिपाही नरेंद्र सिंह, शेखर चावला, सोनू और विपिन को निलंबित कर दिया था। हालांकि उन्हें बाद में बहाल कर दिया गया था लेकिन इस मामले की जांच अभी भी एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा कर रहे हैं।
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बताते हैं कि जब शुक्रवार रात पुलिस ने पैदल गश्त के दौरान रिहान को रोका था तो उसने फिर से पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया और सड़क पर लेट गया। उसने लोगों को बताया कि पुलिस पुराने मामले में फैसला करने का दबाव बना रही थी। इससे उसके साथ मारपीट की गई है। उसकी सूचना पर एकत्र लोगों ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस टीम पर हमला कर दिया, तो वहीं पुलिस ने भी लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
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पुलिस टीम पर पथराव करने में शामिल थे डोडा माफिया
शुक्रवार रात बातचीत के दौरान एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस टीम पर पथराव करने में डोडा माफिया के शामिल होने की बात सामने आई है। इसकी छानबीन के लिए पुलिस टीम लगा दी गई है। उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगे ऐसी घटना न हो, इसके भी इंतजाम किए जाएंगे। आसपास तमाम दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी फुटेज निकलवाई जा रही है। उसके आधार पर हमलावरों की पहचानकर कार्रवाई कराई जाएगी।
तो क्या प्लानिंग बनाकर किया गया था बवाल
शुक्रवार रात पुलिस पर पथराव के दौरान यह भी सामने आया है कि पथराव करने वाले तमाम लोग अपने मुंह पर कपड़ा आदि बांधे हुए थे। सभी के हाथों में ईंट पत्थर भी थे और वे निशाना बनाकर पुलिस कर्मियों पर पथराव कर रहे थे। इससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के मन में बड़ा बवाल करने की मंशा पहले से ही थी।