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Budaun News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई ब्रोंकोस्कोपी जांच

Wed, 17 Sep 2025 02:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:24 AM IST
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Bronchoscopy test started in Government Medical College
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ब्रोंकोस्कोपी की जांच करते डॉक्टर। स्रोत कॉलेज
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में फेफड़ों की जांच ब्रोंकोस्कोपी से शुरू हो गई है। इससे टीबी के मरीजों को राहत मिलेगी। ब्रोंकोस्कोपी जांच का नेतृत्व सहायक आचार्य डॉ. विपिन कुमार ने किया। इस तकनीक से मरीज के फेफड़ों और श्वासनली की जांच कर बलगम और तरल पदार्थ के नमूने लिए गए। इससे संक्रमण की सटीक जानकारी मिली और समय पर प्रभावी इलाज हो सकेगा।
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विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक लंग कैंसर की पुष्टि के लिए बायोप्सी लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टीबी व चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि अब मरीजों को उन्नत जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इस उपलब्धि में डॉ. विपिन कुमार के साथ डॉ. सुशान बनर्जी, डॉ. रोहित और नर्सिंग टीम के दीपक कुमार का सहयोग रहा। मेडिकल विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी तकनीक का उपयोग न केवल संक्रमण की पहचान और इलाज में, बल्कि जटिल फेफड़ों और श्वासनली की बीमारियों की जांच तथा लंग कैंसर की पुष्टि में भी किया जा सकता है। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
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क्या है ब्रोंकोस्कोपी
-ब्रोंकोस्कोपी एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें फेफड़ों के अंदर वायुमार्गों की जांच के लिए एक पतली, प्रकाशमान नली (ब्रोंकोस्कोप) का उपयोग किया जाता है। इस नली को नाक या मुंह से होते हुए फेफड़ों में डाला जाता है। इस प्रक्रिया का उपयोग वायुमार्ग या फेफड़ों की बीमारियों का पता लगाने, ऊतक के नमूने लेने, बाहरी वस्तुओं को निकालने या फेफड़ों की विशिष्ट समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है।
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वर्जन-
-संस्थान लगातार चिकित्सा सेवाओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। ब्रोंकोस्कोपी जैसी तकनीक से मरीजों को न केवल सटीक जांच और इलाज मिलेगा, बल्कि मेडिकल कॉलेज की पहचान प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य
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