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Budaun News: सीएमओ कार्यालय पर आशा संगिनियों ने दिया धरना
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आसफपुर सीएचसी पर धरने में शामिल स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मी। संवाद
बदायूं। विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आशा और संगिनी के मानदेय में वृद्धि को लेकर अब तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि आशा संगिनी स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बावजूद इसके उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रहीं। मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया जा चुका है, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार को आशा-संगिनी की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। आशा संगिनियों ने मानदेय 30 दिन करने, सुपरविजन विजिट का भुगतान 300 से बढ़ाकर 700 रुपये करने, आशाओं का मानदेय 21 हजार और संगिनी का 26 हजार रुपये करने की मांग की। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज 250 से बढ़ाकर 350 रुपये करने, ई-कवच के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और सीएचसी-पीएचसी पर आशाओं के ठहरने के लिए अलग कमरा निर्धारित करने की मांग की गई।
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उन्होंने मृत्यु की स्थिति में आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता देने, भुगतान में कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने तथा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई।
संविदा महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया धरना
आसफपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा पर कार्य कर रहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने समान कार्य, समान वेतन और स्थायीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरने में आशा बहुओं, आशा संगिनियों समेत अन्य महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने सहभागिता की। इस दौरान राजकुमारी, देवकी, बाला यादव, मंजू, शिमला, मोरश्री, सुमन, आरती सक्सेना, राजेश्वरी आदि मौजूद रहीं। संवाद
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उत्तर प्रदेश आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि आशा संगिनी स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बावजूद इसके उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रहीं। मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया जा चुका है, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
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उन्होंने कहा कि सरकार को आशा-संगिनी की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। आशा संगिनियों ने मानदेय 30 दिन करने, सुपरविजन विजिट का भुगतान 300 से बढ़ाकर 700 रुपये करने, आशाओं का मानदेय 21 हजार और संगिनी का 26 हजार रुपये करने की मांग की। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज 250 से बढ़ाकर 350 रुपये करने, ई-कवच के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और सीएचसी-पीएचसी पर आशाओं के ठहरने के लिए अलग कमरा निर्धारित करने की मांग की गई।
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उन्होंने मृत्यु की स्थिति में आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता देने, भुगतान में कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने तथा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई।
संविदा महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया धरना
आसफपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा पर कार्य कर रहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने समान कार्य, समान वेतन और स्थायीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरने में आशा बहुओं, आशा संगिनियों समेत अन्य महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने सहभागिता की। इस दौरान राजकुमारी, देवकी, बाला यादव, मंजू, शिमला, मोरश्री, सुमन, आरती सक्सेना, राजेश्वरी आदि मौजूद रहीं। संवाद

आसफपुर सीएचसी पर धरने में शामिल स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मी। संवाद