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बंदरों के झुंड ने किसान पर किया हमला, छत से गिरकर मौत
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कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक कस्बे में सोमवार शाम बंदरों के झुंड ने 52 वर्षीय किसान होरीलाल पर हमला बोलकर उसके शरीर पर कई जगह काट लिया। हमले और घुड़की से डरे किसान की छत से गिरकर मौत हो गई। परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी है। किसान का शव उसके घर पर है।
कस्बा निवासी 52 वर्षीय होरीलाल खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार वालों के मुताबिक उसके दो बेटे हैं। दोनों बेटे इस समय दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। सोमवार शाम करीब पांच बजे होरीलाल घर पर मौजूद था। उसी दौरान अचानक बरसात शुरू हो गई। होरीलाल सुखाने के लिए छत पर डाले कपड़े उतारने के लिए चढ़ा था। उसी वक्त अचानक बंदरों का पूरा झुंड उसकी छत पर आ गया।
होरीलाल ने उन्हें भगाने की कोशिश की लेकिन बंदरों ने उस पर हमला बोल दिया। उसके शरीर पर कई जगह काट लिया। इससे घबराकर होरीलाल भागा तो वह छत से नीचे आ गिरा। सड़क पर गिरने से उसके गंभीर चोटें आईं। यह देखकर परिवार वाले और मोहल्ले के तमाम लोग आ गए। उन्होंने होरीलाल को उठाया। वे होरीलाल को जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी उसकी मौत हो गई। इस संबंध में परिवार वालों ने पुलिस को सूचना नहीं दी है। उसके दोनों बेटों को जानकारी दे दी गई है। उनके दिल्ली से आने के बाद ही किसान के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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जिले में बंदरों का आतंक, कई लोगों की ले चुके हैं जान
जिले के अलग-अलग इलाकों में बंदरों का खूब आतंक देखा जा रहा है। वह अब तक तमाम लोगों की जान ले चुके हैं। पिछली 30 जुलाई को बंदरों ने दातागंज के गांव ढिलवारी में मुस्कान पत्नी गुड्डू पर हमला बोल दिया था। वह छत पर कपड़े लेने गई थीं। इस दौरान बंदरों के हमले में उसकी छत से गिरकर मौत हो गई थी। 14 अगस्त को सहसवान कस्बे में रामप्यारी पर बंदरों ने हमला बोला था, जिससे वह घायल हो गई थीं। तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। वहीं पिछले साल 20 सितंबर को मुजरिया के गांव दरियापुर में गुलफाम सिंह यादव, 24 मार्च 2020 को सहसवान के जहांगीराबाद में 18 वर्षीय छात्रा पूनम की मौत हो गई थी। उसके अलावा कुंवरगांव, सिविल लाइंस, कोतवाली और बिसौली इलाके में भी बंदरों के हमले में लोगों की जान गई है। संवाद
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कस्बा निवासी 52 वर्षीय होरीलाल खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार वालों के मुताबिक उसके दो बेटे हैं। दोनों बेटे इस समय दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। सोमवार शाम करीब पांच बजे होरीलाल घर पर मौजूद था। उसी दौरान अचानक बरसात शुरू हो गई। होरीलाल सुखाने के लिए छत पर डाले कपड़े उतारने के लिए चढ़ा था। उसी वक्त अचानक बंदरों का पूरा झुंड उसकी छत पर आ गया।
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होरीलाल ने उन्हें भगाने की कोशिश की लेकिन बंदरों ने उस पर हमला बोल दिया। उसके शरीर पर कई जगह काट लिया। इससे घबराकर होरीलाल भागा तो वह छत से नीचे आ गिरा। सड़क पर गिरने से उसके गंभीर चोटें आईं। यह देखकर परिवार वाले और मोहल्ले के तमाम लोग आ गए। उन्होंने होरीलाल को उठाया। वे होरीलाल को जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी उसकी मौत हो गई। इस संबंध में परिवार वालों ने पुलिस को सूचना नहीं दी है। उसके दोनों बेटों को जानकारी दे दी गई है। उनके दिल्ली से आने के बाद ही किसान के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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जिले में बंदरों का आतंक, कई लोगों की ले चुके हैं जान
जिले के अलग-अलग इलाकों में बंदरों का खूब आतंक देखा जा रहा है। वह अब तक तमाम लोगों की जान ले चुके हैं। पिछली 30 जुलाई को बंदरों ने दातागंज के गांव ढिलवारी में मुस्कान पत्नी गुड्डू पर हमला बोल दिया था। वह छत पर कपड़े लेने गई थीं। इस दौरान बंदरों के हमले में उसकी छत से गिरकर मौत हो गई थी। 14 अगस्त को सहसवान कस्बे में रामप्यारी पर बंदरों ने हमला बोला था, जिससे वह घायल हो गई थीं। तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। वहीं पिछले साल 20 सितंबर को मुजरिया के गांव दरियापुर में गुलफाम सिंह यादव, 24 मार्च 2020 को सहसवान के जहांगीराबाद में 18 वर्षीय छात्रा पूनम की मौत हो गई थी। उसके अलावा कुंवरगांव, सिविल लाइंस, कोतवाली और बिसौली इलाके में भी बंदरों के हमले में लोगों की जान गई है। संवाद