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Budaun News: बादलों की ओट में छिपा रहा चांद, सुहागिनों को कराया इंतजार
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बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद
बदायूं। करवाचौथ पर सुहागिनों को चांद के दीदार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा बादलों की ओट में छिपा रहा। रात 8:12 बजे चंद्रोदय का समय होने के बावजूद चांद दिखाई नहीं दिया। रात नौ बजे तक भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं की प्रतीक्षा बढ़ती गई। रात 9.04 बजे चांद दिखा तो महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की।
करवाचौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। सुहागिनों ने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखा। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाओं ने सोलह शृंगार किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद सभी को चंद्रोदय का इंतजार था। महिलाओं ने पूजन की थाली सजाकर रखी और चांद निकलने का समय होने पर आसमान की ओर देखना शुरू कर दिया। रात 8:12 बजे चंद्रोदय का निर्धारित समय बीतने के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए।
आसमान में बादल छाए होने के कारण महिलाओं को निराशा हुई। किसी ने छत पर जाकर चांद देखने की कोशिश की तो कोई घर के बाहर खुले स्थान पर खड़ी होकर आसमान निहारती रही। बिल्सी में तो 8:40 पर ही चंद्रमा के दर्शन हो गए, लेकिन शहर में रात नौ बजे तक चांद नहीं दिखने से इंतजार और लंबा हो गया।
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शहर में रात 9:04 बजे चांद निकला तो महिलाओं ने चांद का दीदार कर अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल पीकर व्रत का पारायण किया। वहीं जिन महिलाओं के पति अन्य शहरों में रह थे, उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से व्रत का पारायण किया। चांद निकलने के कुछ देर बाद फिर बादलों में छिप गया।
पंजाबी समाज की महिलाओं ने घर पर की सामूहिक करवाचौथ पूजा
बदायूं। पंजाबी समाज की ओर से शहर के रघुबीरनगर में वीना कोचर के घर पर समाज की महिलाओं ने करवाचौथ की सामूहिक पूजा की। इस दौरान महिलाएं सोलह शृंगार कर परंपरागत वेशभूषा में तैयार होकर पूजा में शामिल हुईं। वहीं मंदिर परिसरों में भी उत्साह और भक्ति का माहौल रहा।
पूजा की शुरुआत में सबसे पहले कीर्ति शर्मा ने सभी को करवा चौथ की पौराणिक कथा सुनाई। सभी महिलाओं ने कथा ध्यानपूर्वक सुनी और पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कथा के बाद महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार थाली बदलने की रस्म निभाई। एक-दूसरे की थाली में रखे सामान को देखकर अखंड सौभाग्य की कामना की गई।
सामूहिक पूजा के बाद सभी ने एक-दूसरे को करवाचौथ की शुभकामनाएं दीं और बड़ों का आशीर्वाद लिया। पंजाबी समाज के मंत्री मोनू मिनोचा की पत्नी शोभा मिनोचा ने कहा कि सामूहिक पूजा का उद्देश्य महिलाओं को एकजुट करना और अपनी संस्कृति व परंपरा को जीवित रखना है। इस मौके पर रूचि धिंगड़ा, अंजू छिंगड़ा, जया खन्ना, शीप कोचर, ऋतु कोचर, आरती अरोड़ा रेनू अरोड़ा, खुशी गांधी, प्रीति सपड़ा अपर्णा खन्ना आदि मौजूद रहीं। संवाद
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करवाचौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। सुहागिनों ने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखा। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाओं ने सोलह शृंगार किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद सभी को चंद्रोदय का इंतजार था। महिलाओं ने पूजन की थाली सजाकर रखी और चांद निकलने का समय होने पर आसमान की ओर देखना शुरू कर दिया। रात 8:12 बजे चंद्रोदय का निर्धारित समय बीतने के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए।
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आसमान में बादल छाए होने के कारण महिलाओं को निराशा हुई। किसी ने छत पर जाकर चांद देखने की कोशिश की तो कोई घर के बाहर खुले स्थान पर खड़ी होकर आसमान निहारती रही। बिल्सी में तो 8:40 पर ही चंद्रमा के दर्शन हो गए, लेकिन शहर में रात नौ बजे तक चांद नहीं दिखने से इंतजार और लंबा हो गया।
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शहर में रात 9:04 बजे चांद निकला तो महिलाओं ने चांद का दीदार कर अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल पीकर व्रत का पारायण किया। वहीं जिन महिलाओं के पति अन्य शहरों में रह थे, उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से व्रत का पारायण किया। चांद निकलने के कुछ देर बाद फिर बादलों में छिप गया।
पंजाबी समाज की महिलाओं ने घर पर की सामूहिक करवाचौथ पूजा
बदायूं। पंजाबी समाज की ओर से शहर के रघुबीरनगर में वीना कोचर के घर पर समाज की महिलाओं ने करवाचौथ की सामूहिक पूजा की। इस दौरान महिलाएं सोलह शृंगार कर परंपरागत वेशभूषा में तैयार होकर पूजा में शामिल हुईं। वहीं मंदिर परिसरों में भी उत्साह और भक्ति का माहौल रहा।
पूजा की शुरुआत में सबसे पहले कीर्ति शर्मा ने सभी को करवा चौथ की पौराणिक कथा सुनाई। सभी महिलाओं ने कथा ध्यानपूर्वक सुनी और पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कथा के बाद महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार थाली बदलने की रस्म निभाई। एक-दूसरे की थाली में रखे सामान को देखकर अखंड सौभाग्य की कामना की गई।
सामूहिक पूजा के बाद सभी ने एक-दूसरे को करवाचौथ की शुभकामनाएं दीं और बड़ों का आशीर्वाद लिया। पंजाबी समाज के मंत्री मोनू मिनोचा की पत्नी शोभा मिनोचा ने कहा कि सामूहिक पूजा का उद्देश्य महिलाओं को एकजुट करना और अपनी संस्कृति व परंपरा को जीवित रखना है। इस मौके पर रूचि धिंगड़ा, अंजू छिंगड़ा, जया खन्ना, शीप कोचर, ऋतु कोचर, आरती अरोड़ा रेनू अरोड़ा, खुशी गांधी, प्रीति सपड़ा अपर्णा खन्ना आदि मौजूद रहीं। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

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बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद

बदायूं के रघुबीर नगर मोहल्ला में कथा सुनाती कीर्ति शर्मा। संवाद