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धामपुर क्षेत्र में वायरल फीवर ने पैर पसारे
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धामपुर क्षेत्र में वायरल फीवर ने पैर पसारे
धामपुर। क्षेत्र में वायरल फीवर, सर्दी जुकाम व खांसी ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। उपचार को अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण तीमारदार मरीजों का उपचार प्राइवेट अस्पतालों में कराने को विवश हो रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था न होने के कारण प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। नगर के दिनेश कुमार, करन सिंह, भूपेंद्र सिंह, कवित रानी, कौशल्या, संतोष रानी का कहना है कि उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा है। घर पर ही बुखार से निपटने को देसी उपचार किया। एंटीबायोटिक के रूप में लौंग, अदरक की चाय और गुनगुना पानी पिया। लेकिन आराम होता नजर नहीं आ रहा। कई दिन से सरकारी अस्पतालों से डाक्टरों से परीक्षण कराया। पर यहां पर भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ा। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
- रोजाना आ रहे 300 मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी यादव बताते हैं कि प्रतिदिन करीब ढाई सौ से 300 लोगों की जांच की जा रही है। अधिकांश मरीज वायरल फीवर से ग्रसित हैं। उनका सामान्य तौर पर उपचार कराया जा रहा है। परीलोक अस्पताल के एमडी डॉक्टर वीके सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तृप्ति का कहना है कि लोगों में वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। इससे निपटने के लिए मरीज घर में भी मास्क लगाकर रहे। गुनगुना पानी पीएं। फ्रिज का पानी कतई ना पीएं। बारिश में भीगने से बचें। इसके अलावा चार-पांच दिन सामान्य उपचार के बाद वायरल फीवर से निजात मिल सकती है।
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- पहले कोरोना की जांच, फिर उपचार
निजी चिकित्सक एहतियात बरत रहे हैं। निजी चिकित्सकों का कहना है कि उनके यहां पर जो मरीज उपचार कराने के लिए आ रहे है, उनका पहले वह कोरोना का परीक्षण करा रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी वायरल फीवर रोगी में कोरोना पॉजिटिव होना नहीं पाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय से उपचार नहीं कराया तो वायरल फीवर भी जोखिम भरा हो सकता है।
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धामपुर। क्षेत्र में वायरल फीवर, सर्दी जुकाम व खांसी ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। उपचार को अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण तीमारदार मरीजों का उपचार प्राइवेट अस्पतालों में कराने को विवश हो रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था न होने के कारण प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। नगर के दिनेश कुमार, करन सिंह, भूपेंद्र सिंह, कवित रानी, कौशल्या, संतोष रानी का कहना है कि उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा है। घर पर ही बुखार से निपटने को देसी उपचार किया। एंटीबायोटिक के रूप में लौंग, अदरक की चाय और गुनगुना पानी पिया। लेकिन आराम होता नजर नहीं आ रहा। कई दिन से सरकारी अस्पतालों से डाक्टरों से परीक्षण कराया। पर यहां पर भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ा। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
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- रोजाना आ रहे 300 मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी यादव बताते हैं कि प्रतिदिन करीब ढाई सौ से 300 लोगों की जांच की जा रही है। अधिकांश मरीज वायरल फीवर से ग्रसित हैं। उनका सामान्य तौर पर उपचार कराया जा रहा है। परीलोक अस्पताल के एमडी डॉक्टर वीके सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तृप्ति का कहना है कि लोगों में वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। इससे निपटने के लिए मरीज घर में भी मास्क लगाकर रहे। गुनगुना पानी पीएं। फ्रिज का पानी कतई ना पीएं। बारिश में भीगने से बचें। इसके अलावा चार-पांच दिन सामान्य उपचार के बाद वायरल फीवर से निजात मिल सकती है।
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- पहले कोरोना की जांच, फिर उपचार
निजी चिकित्सक एहतियात बरत रहे हैं। निजी चिकित्सकों का कहना है कि उनके यहां पर जो मरीज उपचार कराने के लिए आ रहे है, उनका पहले वह कोरोना का परीक्षण करा रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी वायरल फीवर रोगी में कोरोना पॉजिटिव होना नहीं पाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय से उपचार नहीं कराया तो वायरल फीवर भी जोखिम भरा हो सकता है।