{"_id":"581e2da34f1c1bad31439369","slug":"turned-in-a-mere-two-and-a-half-kilos-of-paddy-bigha","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक बीघे में निकला मात्र ढाई किलो धान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक बीघे में निकला मात्र ढाई किलो धान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
धान की क्रॉप कटिंग के बाद धान को तुलवाते अधिकारी और भाकियू नेता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में बासमती धान में दाना निकलने के किसानों के आरोपों को झूठा बताने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों की कलई शनिवार को खुल गई। कृषि विभाग, राजस्व और भाकियू पदाधिकारियों की संयुक्त समिति ने गांवों में जाकर धान की फसल की क्रॉप कटिंग की। एक खेत में धान की फसल का मात्र ढाई किलोग्राम प्रति बीघा का औसत निकला। बाकी क्षेत्रों में भी यही हाल रहा। कृषि विभाग के अधिकारी भी खेतों में बर्बादी देखकर बगले झांकने लगे।
शुक्रवार को भाकियू द्वारा विकास भवन में कृषि विभाग में तालाबंदी करके नारेबाजी की गई थी। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस मामले में जांच के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों और भाकियू पदाधिकारियों की संयुक्त जांच समिति बनाई थी। सोमवार को अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग गांवों में खेतों में जाकर फसल की क्रॉप कटिंग कर तोला गया तो धान की फसल की बर्बादी के आंकड़े हैरान करने वाले थे। भाकियू जिला महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार गांव लदुपुरा निवासी हेमराज सिंह के खेत से केवल ढाई किलोग्राम प्रति बीघा की दर से ही धान निकला।
गांव हादरपुर निवासी महेंद्र सिंह के खेत से 41 किलोग्राम, सराय डडूंबर निवासी खालिद के खेत से 40 किलोग्राम, नजीबाबाद निवासी राजवीर सिंह के खेत से 38 किलोग्राम तथा हरेवली निवासी तेजबल त्यागी के खेत से 32 किलोग्राम प्रति बीघा की दर से धान की फसल निकली। दिगंबरसिंह के अनुसार किसानों को बीज बेचते समय कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रति बीघा पांच से छह कुंतल धान निकलने की बात कही थी। जांच टीम में शामिल उपकृषि निदेशक जसपाल व जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने अपने सामने क्रॉप कटिंग कराई। टीम में भाकियू नेता अतुल कुमार, सिंधु राज, कुलदीप सिंह, वीर सिंह, मदन चौहान, देवदत्त शर्मा, सचिन त्यागी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार धान की फसल में नुकसान की जांच की जा रही है। अभी उनको रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद वे कृषि विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
विज्ञापन
शुक्रवार को भाकियू द्वारा विकास भवन में कृषि विभाग में तालाबंदी करके नारेबाजी की गई थी। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस मामले में जांच के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों और भाकियू पदाधिकारियों की संयुक्त जांच समिति बनाई थी। सोमवार को अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग गांवों में खेतों में जाकर फसल की क्रॉप कटिंग कर तोला गया तो धान की फसल की बर्बादी के आंकड़े हैरान करने वाले थे। भाकियू जिला महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार गांव लदुपुरा निवासी हेमराज सिंह के खेत से केवल ढाई किलोग्राम प्रति बीघा की दर से ही धान निकला।
विज्ञापन
गांव हादरपुर निवासी महेंद्र सिंह के खेत से 41 किलोग्राम, सराय डडूंबर निवासी खालिद के खेत से 40 किलोग्राम, नजीबाबाद निवासी राजवीर सिंह के खेत से 38 किलोग्राम तथा हरेवली निवासी तेजबल त्यागी के खेत से 32 किलोग्राम प्रति बीघा की दर से धान की फसल निकली। दिगंबरसिंह के अनुसार किसानों को बीज बेचते समय कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रति बीघा पांच से छह कुंतल धान निकलने की बात कही थी। जांच टीम में शामिल उपकृषि निदेशक जसपाल व जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने अपने सामने क्रॉप कटिंग कराई। टीम में भाकियू नेता अतुल कुमार, सिंधु राज, कुलदीप सिंह, वीर सिंह, मदन चौहान, देवदत्त शर्मा, सचिन त्यागी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार धान की फसल में नुकसान की जांच की जा रही है। अभी उनको रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद वे कृषि विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।