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मालन का जल स्तर बढ़ता देख स्वयं को अलर्ट रखे ग्रामीण
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नजीबाबाद के कछियाना क्षेत्र में भूमि का कटान करती मालन नदी।
- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद। पर्वतीय व मैदान क्षेत्र में लगातार मानसूनी बारिश होने से नदी तटीय क्षेत्र में बसे लोगों को भूमि कटान व बाढ़ की चिंता सताने लगी है। मालन नदी के उफान ने पाईबाग और कछियाना क्षेत्र में लगाए गए तटबंध को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। तटबंध के खिसकने से लोगों में भय व्यक्त है। उधर प्रशासन ने नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों क्षेत्र खाली करने की सलाह दी है।
मानसूनी बरसात के दौरान नगर के समीप से बहने वाली मालन नदी अपने उफान के वक्त तटीय क्षेत्र में विध्वंस मचाती है। क्षेत्रीय लोग काफी समय से भूमि कटान व बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए प्रशासन से नदी तटीय क्षेत्र में पक्का तटबंध बनाने की मांग करते आए हैं। जहां नगर क्षेत्र के पाईबाग वासियों को मालन के प्रकोप से बचाने के लिए प्रशासन ने लकड़ियों व बल्लियों के सहारे सेंड बैग से कच्चा तटबंध बनाकर भूमि कटान और मालन नदी को क्षेत्र में बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। तटबंध बनाए जाने के बाद लोगों ने इस साल मालन से नुकसान न होने के सपने देखे थे। लेकिन मालन नदी के उफान ने तटबंध को नुकसान पहुंचाकर लोगों के सपने तोड़ दिए। पाईबाग निवासी राजेश सैनी, मलखान, खलीफा श्रीराम, वीरेंद्र सैनी, मोनू सैनी, कलवा आदि का कहना है कि प्रशासन ने भरोसा दिलाया तो कि तटबंध बनाने के बाद इस बार बाढ़ व भूमि कटान नहीं होगा। उधर कछियाना बस्ती के लोगों ने स्वयं चंदा एकत्र कर बल्लियों के सहारे तटबंध बनाकर भूमि कटान रोकने का प्रयास किया। तटबंध बनाने में करीब चार लाख रुपये लगने के बाद जब मालन ने अपने पहले उफान में तटबंध को धराशायी कर दिया। कछियाना निवासी नर सिंह, निक्का चौधरी, आरएस निराला, दिनेश, जय सिंह, रमेश, गुड्डू आदि का कहना है कि उन्होंने पैसा जोड़कर तटबंध बनाया था। खंड विकास अधिकारी ने केवल उन्हें मनरेगा मजदूर मुहैया कराए थे। तटबंध के खिसकने से उन्हें मालन के प्रकोप का डर सताने लगा है।
क्षेत्र खाली करने की दी सलाह
नजीबाबाद। प्रशासन ने तटबंध के खिसकने के बाद पाईबाग व कछियाना बस्ती के लोगों को अलर्ट रहने चेतावनी देते हुए क्षेत्र खाली करने की सलाह दी है। साथ ही मालन नदी के उफान आने पर प्रशासन को तत्काल सूचित करने की बात कही है।
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मानसूनी बरसात के दौरान नगर के समीप से बहने वाली मालन नदी अपने उफान के वक्त तटीय क्षेत्र में विध्वंस मचाती है। क्षेत्रीय लोग काफी समय से भूमि कटान व बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए प्रशासन से नदी तटीय क्षेत्र में पक्का तटबंध बनाने की मांग करते आए हैं। जहां नगर क्षेत्र के पाईबाग वासियों को मालन के प्रकोप से बचाने के लिए प्रशासन ने लकड़ियों व बल्लियों के सहारे सेंड बैग से कच्चा तटबंध बनाकर भूमि कटान और मालन नदी को क्षेत्र में बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। तटबंध बनाए जाने के बाद लोगों ने इस साल मालन से नुकसान न होने के सपने देखे थे। लेकिन मालन नदी के उफान ने तटबंध को नुकसान पहुंचाकर लोगों के सपने तोड़ दिए। पाईबाग निवासी राजेश सैनी, मलखान, खलीफा श्रीराम, वीरेंद्र सैनी, मोनू सैनी, कलवा आदि का कहना है कि प्रशासन ने भरोसा दिलाया तो कि तटबंध बनाने के बाद इस बार बाढ़ व भूमि कटान नहीं होगा। उधर कछियाना बस्ती के लोगों ने स्वयं चंदा एकत्र कर बल्लियों के सहारे तटबंध बनाकर भूमि कटान रोकने का प्रयास किया। तटबंध बनाने में करीब चार लाख रुपये लगने के बाद जब मालन ने अपने पहले उफान में तटबंध को धराशायी कर दिया। कछियाना निवासी नर सिंह, निक्का चौधरी, आरएस निराला, दिनेश, जय सिंह, रमेश, गुड्डू आदि का कहना है कि उन्होंने पैसा जोड़कर तटबंध बनाया था। खंड विकास अधिकारी ने केवल उन्हें मनरेगा मजदूर मुहैया कराए थे। तटबंध के खिसकने से उन्हें मालन के प्रकोप का डर सताने लगा है।
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क्षेत्र खाली करने की दी सलाह
नजीबाबाद। प्रशासन ने तटबंध के खिसकने के बाद पाईबाग व कछियाना बस्ती के लोगों को अलर्ट रहने चेतावनी देते हुए क्षेत्र खाली करने की सलाह दी है। साथ ही मालन नदी के उफान आने पर प्रशासन को तत्काल सूचित करने की बात कही है।
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