{"_id":"6287d73912860c066e51b43e","slug":"tanzeel-ahmed-was-riddled-with-bullets-bijnor-news-mrt5894489187","type":"story","status":"publish","title_hn":"तंजील अहमद को गोलियों से कर दिया था छलनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तंजील अहमद को गोलियों से कर दिया था छलनी
विज्ञापन
एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद का परिवार (फाइल फोटो)
- फोटो : BIJNOR
तंजील अहमद को गोलियों से कर दिया था छलनी
बिजनौर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी में डिप्टी एसपी रहे तंजील अहमद को हत्यारों ने गोलियां बरसाकर छलनी कर दिया था। तंजील अहमद के शरीर में गोली घुसने और निकलने के 33 घाव थे, जबकि उनकी पत्नी के शरीर में गोली लगने के छह घाव मिले थे। अत्याधुनिक हथियारों से गोली चलाकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। डिप्टी एसपी के बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने सीट के नीचे घुसकर जान बचाई थी। पूरे हत्याकांड को दो मिनट में ही अंजाम दे दिया गया था।
साल 2016 में तंजील अहमद हत्याकांड को अंजाम दिया गया तो उस वक्त इसकी जांच एनआईए ने भी की। प्रदेश के तीन आईजी इसकी जांच में जुटे थे। शुुरुआत में इस हत्याकांड को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद में सहसपुर के ही रहने वाले मुनीर और उसके साथी रैय्यान समेत पांच लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। अब कोर्ट ने मुनीर और रैय्यान को ही दोषी माना है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक अफसर की उनकी पत्नी समेत हत्या किए जाने का मामला पूरे देश में गूंज उठा था। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का प्रशासन सक्रिय हो गया था। बता दें कि तंजील अहमद के बारे मेें कहा जाता है कि उन्होंने इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा किया था।
शिक्षिका थीं डिप्टी एसपी की पत्नी
तंजील की पत्नी फ़रजाना खातून दिल्ली के बाटला हाउस जामिया नगर के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकारी टीचर थीं। उस समय 16 साल की बेटी जिमनिश कैंब्रिज स्कूल श्रीनिवासपुरी में पढ़ती थी। उसने उस समय दसवीं के पेपर दिए थे। बेटे शाहबाज की उम्र 12 साल थी, जोकि सातवीं कक्षा में पढ़ता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी में डिप्टी एसपी रहे तंजील अहमद को हत्यारों ने गोलियां बरसाकर छलनी कर दिया था। तंजील अहमद के शरीर में गोली घुसने और निकलने के 33 घाव थे, जबकि उनकी पत्नी के शरीर में गोली लगने के छह घाव मिले थे। अत्याधुनिक हथियारों से गोली चलाकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। डिप्टी एसपी के बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने सीट के नीचे घुसकर जान बचाई थी। पूरे हत्याकांड को दो मिनट में ही अंजाम दे दिया गया था।
साल 2016 में तंजील अहमद हत्याकांड को अंजाम दिया गया तो उस वक्त इसकी जांच एनआईए ने भी की। प्रदेश के तीन आईजी इसकी जांच में जुटे थे। शुुरुआत में इस हत्याकांड को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद में सहसपुर के ही रहने वाले मुनीर और उसके साथी रैय्यान समेत पांच लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। अब कोर्ट ने मुनीर और रैय्यान को ही दोषी माना है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक अफसर की उनकी पत्नी समेत हत्या किए जाने का मामला पूरे देश में गूंज उठा था। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का प्रशासन सक्रिय हो गया था। बता दें कि तंजील अहमद के बारे मेें कहा जाता है कि उन्होंने इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा किया था।
विज्ञापन
शिक्षिका थीं डिप्टी एसपी की पत्नी
तंजील की पत्नी फ़रजाना खातून दिल्ली के बाटला हाउस जामिया नगर के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकारी टीचर थीं। उस समय 16 साल की बेटी जिमनिश कैंब्रिज स्कूल श्रीनिवासपुरी में पढ़ती थी। उसने उस समय दसवीं के पेपर दिए थे। बेटे शाहबाज की उम्र 12 साल थी, जोकि सातवीं कक्षा में पढ़ता था।
विज्ञापन