फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Self Help Groups and Entrepreneurs will develop woodworking industry together

स्वयं सहायता समूह और उद्यमी मिलकर और निखारेंगी काष्ठकला उद्योग

Mon, 30 Aug 2021 11:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 11:50 PM IST
विज्ञापन
Self Help Groups and Entrepreneurs will develop woodworking industry together
नगीना में लकड़ी के आइटम बनाती महिला कारीगर। - फोटो : BIJNOR
स्वयं सहायता समूह और उद्यमी मिलकर निखारेंगे काष्ठकला उद्योग
विज्ञापन

बिजनौर। जिले में पहली बार उद्योगों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। काष्ठकला में काम करने वाली महिला कारीगर और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर कॉमन फैसिलिटी सेंटर चलाएंगी। सेंटर पर विश्व स्तर की गुणवत्ता के काष्ठकला के नमूने बनाए जाएंगे। ये आइटम उत्कृष्ट होंगे और जल्दी बिकेंगे। इससे महिला कारीगरों का काम बढ़ेगा और उनकी औसत मजदूरी भी पांच गुना बढ़ेगी।
‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना में नगीना का काष्ठकला उद्योग शामिल है। साथ ही शेरकोट के ब्रुश उद्योग को भी इसमें शामिल किया गया है। जिले में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों में भी महिलाओं को रोजगार दिलाकर आमदनी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अब तक स्वयं सहायता समूह और उद्योगों में काम करने वाली महिला कारीगरों का कोई वास्ता नहीं रहता था, लेकिन अब काष्ठकला उद्योग को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए महात्मा विदुर वुडक्राफ्ट फाउंडेशन को जिम्मेदारी दी गई है। यह समूह जिले के केंद्र नहटौर में कॉमन सर्विस सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए दस हजार स्क्वायर फीट बिल्डिंग बनी जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां कॉमन सर्विस सेंटर में सरकार द्वारा अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। यहां पर काष्ठकला उद्योग से जुड़े नए-नए डिजाइन मशीनों से बनाए जाएंगे। इस सारे काम को फाउंडेशन से जुड़ी महिलाएं ही चलाएंगी। इसका प्रस्ताव जिले के उद्यमियों ने बनाया था। इसे प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है।
विज्ञापन

पांच गुना तक बढ़ेगी आमदनी
काष्ठकला उद्योग में पांच हजार से अधिक महिलाएं काम करती हैं। इन महिलाओं की दिन की औसत मजदूरी 200 रुपये बनती है। कॉमन सर्विस सेंटर लगने सेे महिलाएं ज्यादा आइटम बना सकेंगी। इससे उनकी दैनिक आय पांच गुना तक बढ़ने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

होगा फायदा
उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार प्रस्ताव को प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिल गई है। इस पर जल्दी ही काम शुरू होने की उम्मीद है। इस योजना से काष्ठकला में काम करने वाली महिला कारीगरों को बहुत फायदा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed