{"_id":"68af57a22b878f10a6097348","slug":"rural-women-running-vidur-cafeteria-in-the-city-bijnor-news-c-27-1-smrt1008-158562-2025-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: शहर में विदुर कैफेटेरिया चला रहीं ग्रामीण महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: शहर में विदुर कैफेटेरिया चला रहीं ग्रामीण महिलाएं
विज्ञापन
बिजनौर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं छोटे छोटे कारोबार कर आत्मनिर्भर बन रही है। प्रशासन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विदुर कैफेटेरिया और ब्रांड के तहत सामान बेचने को शहर में प्लेट फार्म दिया। बिजनौर शहर में प्रदर्शनी मैदान चौराहे से किसान पथ पर एवं विकास भवन गेट पर मॉडल व बनकर दिया। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
प्रदर्शनी चौराहे पर कैफेटेरिया संचालित वैष्णो स्वयं सहायता समूह तरीकमपुर रूपचंद की संचालक दीपिका, निक्की ने बताया कि वह बहुत खुश है। प्रशासन व अधिकारियों का आभार है कि ग्रामीण अंचल की बेरोजगार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह कैफेटेरिया व विदुर ब्रांड की दुकान खुलवाने में मार्गदर्शन किया। इससे वह कई महिलाएं कार्य कर रोजगार पा रही है। शुरूआत में अच्छा कार्य चल रहा है। इस से जुड़ी इन महिलाओं को न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि वे अपने कौशल और आत्मविश्वास में भी वृद्धि कर रही हैं।
विदुर प्रेरणा एवं जी पंडित जी के बीच हुआ एमओयू
बिजनौर। जिला प्रशासन एवं सीबीबीसी वंडर्स प्राइवेट लिमिटेड (ब्रांड नाम- जी पंडित जी) के मध्य एक एमओयू हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित पारंपरिक, सात्विक व पर्यावरण अनुकूल पूजा सामग्री को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को सशक्त करेगी।
विज्ञापन
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
- ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं।
- विदुर कैफेटेरिया और ब्रांड के तहत सामान बेचने से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
-यह पहल महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है।
सात करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ कारोबार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पाद का 07 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो गया है। शहरों में दुकानों के साथ ई बाजार में विदुर ब्रांड के सामान बिक रहे हैं। अब तक समूहों में 800 से ज्यादा महिलाएं रोजगार पाकर स्वावलंबी बन चुकी हैं।
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि अब महिला समूहों के उत्पादों के बिक्री को खुला बाजार, ई-कॉमर्स वेबसाइट, आउटलेट्स मिल गए। एक एमओयू से उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रशिक्षण और पैकेजिंग के लिए समझौता हुआ। समूहों के उत्पादों का कारोबार 07 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है।
विज्ञापन
प्रदर्शनी चौराहे पर कैफेटेरिया संचालित वैष्णो स्वयं सहायता समूह तरीकमपुर रूपचंद की संचालक दीपिका, निक्की ने बताया कि वह बहुत खुश है। प्रशासन व अधिकारियों का आभार है कि ग्रामीण अंचल की बेरोजगार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह कैफेटेरिया व विदुर ब्रांड की दुकान खुलवाने में मार्गदर्शन किया। इससे वह कई महिलाएं कार्य कर रोजगार पा रही है। शुरूआत में अच्छा कार्य चल रहा है। इस से जुड़ी इन महिलाओं को न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि वे अपने कौशल और आत्मविश्वास में भी वृद्धि कर रही हैं।
विज्ञापन
विदुर प्रेरणा एवं जी पंडित जी के बीच हुआ एमओयू
बिजनौर। जिला प्रशासन एवं सीबीबीसी वंडर्स प्राइवेट लिमिटेड (ब्रांड नाम- जी पंडित जी) के मध्य एक एमओयू हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित पारंपरिक, सात्विक व पर्यावरण अनुकूल पूजा सामग्री को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को सशक्त करेगी।
विज्ञापन
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
- ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं।
- विदुर कैफेटेरिया और ब्रांड के तहत सामान बेचने से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
-यह पहल महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है।
सात करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ कारोबार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पाद का 07 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो गया है। शहरों में दुकानों के साथ ई बाजार में विदुर ब्रांड के सामान बिक रहे हैं। अब तक समूहों में 800 से ज्यादा महिलाएं रोजगार पाकर स्वावलंबी बन चुकी हैं।
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि अब महिला समूहों के उत्पादों के बिक्री को खुला बाजार, ई-कॉमर्स वेबसाइट, आउटलेट्स मिल गए। एक एमओयू से उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रशिक्षण और पैकेजिंग के लिए समझौता हुआ। समूहों के उत्पादों का कारोबार 07 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है।