फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Panchayats spent 140 crores without giving GST

बिना जीएसटी नंबर लिए ही पंचायतों ने खर्च कर दिए 140 करोड़

Sun, 12 Dec 2021 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
Panchayats spent 140 crores without giving GST
बिना जीएसटी दिए ही पंचायतों ने खर्च किए 140 करोड़
विज्ञापन

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में पिछली योजना में 140 करोड़ का काम बिना जीएसटी नंबर लिए ही करा दिया गया। जीएसटी नंबर न लेने वाली एक या दो नहीं, बल्कि सभी ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में जीएसटी को करोड़ों रुपये का नुकसान भी हुआ है। इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारी इस योजना में जीएसटी नंबर दिलाने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश देने की बात कह रहे हैं।
जिले में 1123 ग्राम पंचायतें हैं। पहले की बात करें तो ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और सचिव की देखरेख में ही छोटे काम हो जाते थे। उनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव सीधे उन्हें भुगतान कर देते थे, जहां से काम कराने के लिए माल खरीदा जाता था, लेकिन अब ग्राम पंचायतों का बजट बढ़ा तो बड़े काम की लागत लाखों रुपये में पहुंच गई। एक लाख से बड़े काम ग्राम पंचायतों में ठेकेदारों के माध्यम से ही कराए जाते हैं। वहीं कराए गए कार्यों के बिल ठेकेदार जीएसटी के साथ वसूलते हैं। उधर, ग्राम पंचायतों के पास जीएसटी नंबर ही नहीं है, इस कारण यह जीएसटी विभाग को नहीं मिल पा रही। यूं तो हर काम के लिए अगल-अलग जीएसटी की दर तय हैं, लेकिन औसत दस प्रतिशत से भी लें तो करीब 14 करोड़ का नुकसान विभाग को हुआ है।
विज्ञापन

ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेने को कहा गया
ग्राम्य विकास की ओर से इस योजना में जीएसटी नुकसान बचाने के लिए ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेने को कहा जा रहा है, ताकि बड़े बिल भुगतान करें तो उन पर ग्राम पंचायतों का जीएसटी नंबर अंकित किया जा सके। इसी से पंचायत भी जीएसटी क्लेम कर सकती है। वहीं जीएसटी विभाग को पता चलता है कि जीएसटी किसने जमा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसके नाम पर लें जीएसटी नंबर, उलझ रहा मामला
ग्राम पंचायतों के जीएसटी नंबर न लेने के पीछे एक तथ्य और सामने आ रहा है। बार-बार ग्राम पंचायत सचिवों का बदलना और एक योजना के बाद ग्राम प्रधान भी बदल जाता है। ऐसे में जीएसटी किसके नाम पर ली जाए, इसे लेकर मामला उलझ रहा है। अभी तक यह स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

::: वर्जन
ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेने को कहा गया था। जो बड़े कार्य हैं, उनका भुगतान करते समय जीएसटी नंबर की जरूरत होती है। संबंधित अधिकारियों से इस पर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
- केपी सिंह, सीडीओ बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed