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मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री बंद होगी
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:45 PM IST
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मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर। शासन ने मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री को बंद करने के आदेश जारी किए है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को बंद करने की संस्तुति शासन को की थी। मुख्य पर्यावरण अधिकारी अमित चंद्रा ने संस्तुति को स्वीकार कर लिया। वर्तमान में फैक्ट्री सील है। शासन के आदेश से फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप है।
नगीना रोड स्थित मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में 12 सितंबर को मीथेन गैस में वैल्डिंग करते समय विस्फोट होने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी। और चार मजदूर घायल हो गए थे। सात मजदूरों की मौत से शासन में भी हड़कंप मच गया था। मजदूरों के परिजनों ने हंगामा करते हुए फैक्ट्री के आगे जाम लगाया था। गांव वालों का आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। ये भी आरोप लगाया था कि फैक्ट्री का गंदा पानी छोईया नदी में डाला जा रहा है। इससे आसपास के गांवों में कैंसर रोग फैल रहा है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक कुलदीप जैन और मुख्य प्रबंधक सुरेश पवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सुरेश पवार का चालान कर दिया था। फैक्ट्री मालिक की ओर से मृतक मजदूरों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये के चेक दिए गए थे। प्रशासन ने अनेक विभागों की संस्तुति पर घटना से अगले दिन ही फैक्ट्री को सील कर दी।
इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को बंद करने की संस्तुति शासन को भेजी थी। संस्तुति में कहा गया था कि फैक्ट्री के बायो डाइजेस्टर में वैल्डिंग के दौरान यह फट गया था। बायो डाइजेस्टर क्षतिग्रस्त हो चुका है। बायो इाडजेटर में एकत्रित उत्प्रवाह को फैक्ट्री परिसर में एकत्र किया गया है। उक्त परिस्थितियों में जल व वायु प्रदूषण की रोकथाम व पर्यावरण हित में जन स्वास्थ्य एवं जन साधारण को स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए फैक्ट्री को बंद करने की संस्तुति की गई थी। शासन ने इस संस्तुति को स्वीकार करते हुए फैक्ट्री को बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पर्यावरण अधिकारी वृत्त सात अमित चंद्रा ने आदेश में कहा है कि अग्रिम आदेशों तक फैक्ट्री को बंद रखा जाए। इस मामले में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इकाई का संचालन होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जीसी वर्मा ने आदेशों की पुष्टि की है।
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नगीना रोड स्थित मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में 12 सितंबर को मीथेन गैस में वैल्डिंग करते समय विस्फोट होने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी। और चार मजदूर घायल हो गए थे। सात मजदूरों की मौत से शासन में भी हड़कंप मच गया था। मजदूरों के परिजनों ने हंगामा करते हुए फैक्ट्री के आगे जाम लगाया था। गांव वालों का आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। ये भी आरोप लगाया था कि फैक्ट्री का गंदा पानी छोईया नदी में डाला जा रहा है। इससे आसपास के गांवों में कैंसर रोग फैल रहा है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक कुलदीप जैन और मुख्य प्रबंधक सुरेश पवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सुरेश पवार का चालान कर दिया था। फैक्ट्री मालिक की ओर से मृतक मजदूरों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये के चेक दिए गए थे। प्रशासन ने अनेक विभागों की संस्तुति पर घटना से अगले दिन ही फैक्ट्री को सील कर दी।
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इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को बंद करने की संस्तुति शासन को भेजी थी। संस्तुति में कहा गया था कि फैक्ट्री के बायो डाइजेस्टर में वैल्डिंग के दौरान यह फट गया था। बायो डाइजेस्टर क्षतिग्रस्त हो चुका है। बायो इाडजेटर में एकत्रित उत्प्रवाह को फैक्ट्री परिसर में एकत्र किया गया है। उक्त परिस्थितियों में जल व वायु प्रदूषण की रोकथाम व पर्यावरण हित में जन स्वास्थ्य एवं जन साधारण को स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए फैक्ट्री को बंद करने की संस्तुति की गई थी। शासन ने इस संस्तुति को स्वीकार करते हुए फैक्ट्री को बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पर्यावरण अधिकारी वृत्त सात अमित चंद्रा ने आदेश में कहा है कि अग्रिम आदेशों तक फैक्ट्री को बंद रखा जाए। इस मामले में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इकाई का संचालन होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जीसी वर्मा ने आदेशों की पुष्टि की है।
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