{"_id":"63cc2cf69941715e72792aa4","slug":"one-year-imprisonment-to-husband-and-wife-for-assaulting-a-dalit-woman-bijnor-news-c-14-1-88048-2023-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर:::दलित महिला से मारपीट में पति-पत्नी को एक एक वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर:::दलित महिला से मारपीट में पति-पत्नी को एक एक वर्ष का कारावास
Sat, 21 Jan 2023 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 21 Jan 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने एक दलित महिला से मारपीट करने के मामले में जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी मिथलेश को एक एक वर्ष के कारावास व दो दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार लीलावती ने थाना मंडावर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता महंत कांशीराम गलखा मंदिर के महंत थे। चार साल से वहीं रह रहे थे, जगदीश पचौरी उसके पिता के इलाज के लिए कोई पैसा और खर्च नहीं देता था। साथ ही स्वयं को मंदिर का मालिक मानता था। मंदिर के चढ़ावे को भी अपने पास रखता। उसके पिता ने जीवनकाल में मंदिर की व्यवस्था के लिए ट्रस्ट की स्थापना की। सितंबर 2017 में उसके पिता की मौत हुई तो तब से वह अपने पति के साथ मंदिर पर रह रही है। जगदीश पचौरी उसे वहां से भगाने के लिए परेशान करता था।
सात फरवरी 2018 को उसके पति पास के ही एक गांव में गए थे, तभी जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मामले में अदालत ने जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी को मारपीट का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने एक दलित महिला से मारपीट करने के मामले में जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी मिथलेश को एक एक वर्ष के कारावास व दो दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार लीलावती ने थाना मंडावर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता महंत कांशीराम गलखा मंदिर के महंत थे। चार साल से वहीं रह रहे थे, जगदीश पचौरी उसके पिता के इलाज के लिए कोई पैसा और खर्च नहीं देता था। साथ ही स्वयं को मंदिर का मालिक मानता था। मंदिर के चढ़ावे को भी अपने पास रखता। उसके पिता ने जीवनकाल में मंदिर की व्यवस्था के लिए ट्रस्ट की स्थापना की। सितंबर 2017 में उसके पिता की मौत हुई तो तब से वह अपने पति के साथ मंदिर पर रह रही है। जगदीश पचौरी उसे वहां से भगाने के लिए परेशान करता था।
विज्ञापन
सात फरवरी 2018 को उसके पति पास के ही एक गांव में गए थे, तभी जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मामले में अदालत ने जगदीश पचौरी और उसकी पत्नी को मारपीट का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन