{"_id":"588cda784f1c1bec7ccf3cab","slug":"minus-the-difference-between-the-minimum-and-maximum-temperature","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच अंतर घटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच अंतर घटा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 28 Jan 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर में सुबह कोहरे मेंे हेडलाइट जलाकर गुजरते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच का अंतर घटने और शीतलहर चलने से दिन भर लोग कड़ाके की ठंड में ठिठुरते रहे। सार्वजनिक स्थान पर लगे अलाव पर जुटे लोग ठंड से कुछ राहत पाने के साथ चुनावी समर में राजनीतिक सरगर्मियों की चर्चाओं में लगे रहे।
रविवार को नजीबाबाद क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस नोट किया गया। साथ दिन भर शीतलहर जारी रही। दोपहर कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली। जिससे मौसम में गर्माहट का एहसास भी नहीं हो सका। जीआईसी प्रांगण में संचालित मौसम वेदशाला के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान के बीच अंतर घटने पर गलन के साथ ज्यादा ठंड का एहसास होता है।उधर, नगरपालिका परिषद नजीबाबाद, नगर पंचायत जलालाबाद और साहनपुर की ओर से राहगीरों को ठंड से राहत दिलाने के लिए क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। आबादी और बाजार के बीच जलने वाले अलाव पर आसपास के लोग कुर्सियां लेकर बैठे नजर आए।
धामपुर में कोहरे और शीतलहर की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है। शनिवार की सुबह पूरा इलाका घने कोहरे की चपेट में रहा। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। धामपुर क्षेत्र में दोपहर तक घना कोहरा रहने से लोगों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। ठंड के चलते स्कूल कालेजों में बच्चों की संख्या कम रही।
विज्ञापन
वहीं बिजनौर में हल्की बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज फिर से ठंडा हो गया है। शनिवार को सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हल्की हवा चली तो ठंड भी कड़ाके की हो गई। कोहरा बारिश की तरह बरसता रहा। स्कूलों में बच्चे भी ठंड से परेशान रहे। पारे का फिर से गिरना गेहूं की फसल के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। इससे किसान खुश हैं।
दो दिन पूर्व हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया है। एक बार फिर से कड़ाके की ठंड हो गई है। रविवार को तड़के से ही आसमान में घने कोहरे की चादर दिखाई दी। हल्की हवा के साथ कोहरा बरसता रहा। इस दौरान वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। बडे़ व छोटे वाहनों को हेडलाइट जलाने के बावजूद धीरे-धीरे चलना पड़ा। कड़ाके की ठंड में स्कूल खुले जरूर, पर बच्चों की संख्या कम रही। सुबह के समय चौराहों पर अलाव भी जलाए गए, ताकि राहगीरों को ठंड से राहत मिल सके।
दुपहर करीब एक बजे सूर्यदेव के दर्शन हुए। इससे लोगों को कुछ देर के लिए राहत मिली। दूसरी ओर, किसानों का कहना है कि मौसम का अभी ठंडा होना ठीक है। इससे गेहूं की फसल को लाभ होगा। बारिश भी होती तो ज्यादा अच्छा रहता। किसान नेता नरेंद्र सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, बलजीत सिंह का कहना है कि अभी करीब 15 दिन तक अच्छी ठंड रहे तो फसल अच्छी होगी।
विज्ञापन
रविवार को नजीबाबाद क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस नोट किया गया। साथ दिन भर शीतलहर जारी रही। दोपहर कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली। जिससे मौसम में गर्माहट का एहसास भी नहीं हो सका। जीआईसी प्रांगण में संचालित मौसम वेदशाला के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान के बीच अंतर घटने पर गलन के साथ ज्यादा ठंड का एहसास होता है।उधर, नगरपालिका परिषद नजीबाबाद, नगर पंचायत जलालाबाद और साहनपुर की ओर से राहगीरों को ठंड से राहत दिलाने के लिए क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। आबादी और बाजार के बीच जलने वाले अलाव पर आसपास के लोग कुर्सियां लेकर बैठे नजर आए।
विज्ञापन
धामपुर में कोहरे और शीतलहर की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है। शनिवार की सुबह पूरा इलाका घने कोहरे की चपेट में रहा। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। धामपुर क्षेत्र में दोपहर तक घना कोहरा रहने से लोगों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। ठंड के चलते स्कूल कालेजों में बच्चों की संख्या कम रही।
विज्ञापन
वहीं बिजनौर में हल्की बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज फिर से ठंडा हो गया है। शनिवार को सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हल्की हवा चली तो ठंड भी कड़ाके की हो गई। कोहरा बारिश की तरह बरसता रहा। स्कूलों में बच्चे भी ठंड से परेशान रहे। पारे का फिर से गिरना गेहूं की फसल के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। इससे किसान खुश हैं।
दो दिन पूर्व हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया है। एक बार फिर से कड़ाके की ठंड हो गई है। रविवार को तड़के से ही आसमान में घने कोहरे की चादर दिखाई दी। हल्की हवा के साथ कोहरा बरसता रहा। इस दौरान वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। बडे़ व छोटे वाहनों को हेडलाइट जलाने के बावजूद धीरे-धीरे चलना पड़ा। कड़ाके की ठंड में स्कूल खुले जरूर, पर बच्चों की संख्या कम रही। सुबह के समय चौराहों पर अलाव भी जलाए गए, ताकि राहगीरों को ठंड से राहत मिल सके।
दुपहर करीब एक बजे सूर्यदेव के दर्शन हुए। इससे लोगों को कुछ देर के लिए राहत मिली। दूसरी ओर, किसानों का कहना है कि मौसम का अभी ठंडा होना ठीक है। इससे गेहूं की फसल को लाभ होगा। बारिश भी होती तो ज्यादा अच्छा रहता। किसान नेता नरेंद्र सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, बलजीत सिंह का कहना है कि अभी करीब 15 दिन तक अच्छी ठंड रहे तो फसल अच्छी होगी।