फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   jain socity on road

सड़कों पर उतरा जैन समाज

Tue, 25 Aug 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 25 Aug 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
jain socity on road
बिजनौर। श्री दिगंबर जैन समाज के अनुयायियों ने संथारा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ कलक्ट्रेट में पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन



कहा कि संथारा आत्महत्या नहीं, अपितु अंत समय तक धर्म साधना करना है। संथारा के मूल सिद्धांत प्रक्रिया व उद्देश्य को समझे बिना माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा हाल में पारित निर्णय जैन धर्मावलंबियों की धर्म साधना पर गंभीर आघात है।

एक जैन साधक आयु पर्यंत अपनी आत्मा की शुद्धि व कर्मों की निर्जरा के लिए साधना करता है। भारत के संविधान में प्रत्येक भारतीय को अपने धर्म की पालना के साथ जीवन जीने का अधिकार है। ऐसी धर्म साधना को आत्महत्या या कुप्रथा के नाम पर प्रतिबंधित करने का आदेश जैन धर्मावलंबियों के मूल अधिकारों का हनन है।
विज्ञापन


कहा कि इसे न तो आत्महत्या कहा जा सकता है और न ही इच्छा मृत्यु। जियो और जीने के मूल सिद्धांत के साथ जीने वाले जैन धर्म अनुयायी किसी भी अवस्था में इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसका विरोध किया जाएगा। समाज के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप जैन, वीके जैन, परल जैन, अशोक जैन हुक्का, अशोक जैन टीवी वाले, और सुरेेश चंद्र जैन सेवानिवृत्त एलआईसी आदि शामिल रहे।


धामपुर/अफजलगढ़/नजीबाबाद। ट्रस्ट श्री पार्श्वानाथ जैन मंदिर के बैनर तले जैन समाज संथारा प्रथा पर रोक लगाने के विरोध में धर्म बचाओ रैली निकाली। उधर, नजीबाबाद में जैन समाज ने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे।


सोमवार को जैन समाज ने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के विरोध में रैली निकालकर एसडीएम को राष्ट्रपति से संबोधित ज्ञापन सौंपा। समाज के लोग हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे। जिस पर लिखा था रोक लगानी है तो गोहत्या और मांस निर्यात पर लगाओ।

कहा कि  हाईकोर्ट ने आदेश पारित कर जैन समाज की भावनाओं की अनदेखी की है। हाईकोर्ट को भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। मौके पर संजीव कुमार जैन, आलोक, दीपक जैन, रेखा जैन, विनीता जैन, राजीव जैन आदि रहे।

उधर, अफजलगढ़ में भी जैन समाज ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर हाईकोर्ट से पुनर्विचार की मांग की। विपिन कुमार जैन, अगम जैन, बीना जैन आदि ने कहा कि जैन मुनियों एवं धर्म प्रेमियों द्वारा ली जाने वाली  संथारा को आत्महत्या बताकर रोक लगाने का आदेश धार्मिक भावनाओं की अनदेखी है।


उधर, नजीबाबाद में जैन समाज ने मुनियों एवं आर्यिकाओं द्वारा ली जाने वाली समाधि को आत्महत्या की श्रेणी में लिए जाने के राजस्थान न्यायालय के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जैन समाज ने आदिकाल से चली आ रही आत्मा से परमात्मा के मिलन की धार्मिक क्रिया को रोकने पर रोष व्यक्त किया।

सकल जैन समाज की ओर से प्रधान जिनेश्वर प्रसाद जैन, जितेंद्र जैन, मंत्री नीरज जैन, अजय जैन, सतेंद्र जैन, संतोष जैन, अनूप जैन, संजय जैन, अंकित जैन, अंकुर जैन, पुनीत जैन आदि ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जैन समाज ने न्यायालय द्वारा लगाई गई संथारा प्रथा पर रोक तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।


स्योहारा। संथारा पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने के विरोध में जैन समाज ने मौन जुलूस निकाल कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन थानाध्यक्ष को सौंपा। जैन मंदिर से जैन समाज द्वारा निकाले जुलूस में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।

उन्होंने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थी। तख्तियों पर संल्लेखना मरण नहीं मोक्ष है आदि लिखा था। नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ थाने पहुंचा। वहां थानाध्यक्ष सतीश यादव को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कोर्ट के आदेश से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह प्रक्रिया आदि काल से चली आ रही है।


संथारा आत्मा से परमात्मा के मिलने की धार्मिक क्रिया है। जैन समाज त्याग और संयम का धर्म है। इस दौरान संजय जैन, अशोक जैन, विजय जैन, दीपक जैन, शरद जैन आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed