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सर्दी का सितम बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:35 PM IST
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बिजनौर जिले में मौसम का मिजाज रोज बदल रहा है। तापमान के उतार-चढ़ाव से लोगों की दुश्वारियां काफी बढ़ गई है। सोमवार को ओलावृष्टि, बूंदाबांदी और हवा के झोंकों ने मौसम को और ठंडा कर दिया है। बादलों और ठंडी हवा के झोंकों ने दिनभर मौसम में ठंडक बनाए रखी। बादलों के छाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर आ गई हैं। दलहन की फसल के लिए बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के साथ ही हवा के तेज झोंके चलने शुरू हो गए। करीब दस मिनट तक बूंदाबांदी हुई। बिजनौर में रामलीला मैदान के पास बहुत कम समय के लिए ओलावृष्टि भी हुई। इसके बाद दिनभर बादल छाए रहे। धूप निकली तो उसमें गर्माहट नहीं थी। पूरा दिन यही हाल रहा। मौसम ठंडा होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे। सोमवार को जिले का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, बादलों को देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीर आ गई हैं। बीते हफ्ते ही काफी बारिश हो चुकी है। किसान हुकम सिंह, जयकार सिंह, खलील के अनुसार अगर और बारिश पड़ती है तो यह सरसों व चने की फसल के लिए नुकसानदायक साबित होगी। बारिश से गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो जाएगी। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो जाएगी।
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सोमवार सुबह करीब आठ बजे बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के साथ ही हवा के तेज झोंके चलने शुरू हो गए। करीब दस मिनट तक बूंदाबांदी हुई। बिजनौर में रामलीला मैदान के पास बहुत कम समय के लिए ओलावृष्टि भी हुई। इसके बाद दिनभर बादल छाए रहे। धूप निकली तो उसमें गर्माहट नहीं थी। पूरा दिन यही हाल रहा। मौसम ठंडा होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे। सोमवार को जिले का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, बादलों को देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीर आ गई हैं। बीते हफ्ते ही काफी बारिश हो चुकी है। किसान हुकम सिंह, जयकार सिंह, खलील के अनुसार अगर और बारिश पड़ती है तो यह सरसों व चने की फसल के लिए नुकसानदायक साबित होगी। बारिश से गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो जाएगी। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो जाएगी।
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