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Bijnor News: विशाल की हत्या में हर्षित और रौनक को आजीवन कारावास
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो डॉ. शहजाद अली ने विशाल शर्मा की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों हर्षित चिकारा और रौनक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 30 जून 2023 को बिजनौर जेल के गेट पर हुई थी, जहां राजन की हत्या की साजिश रची गई थी।
शहर कोतवाली में जिला कारागार के एसआई रंजीत सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 जून 2023 की शाम करीब आठ बजे राजन जेल से रिहा होकर बाहर निकला, तभी विशाल शर्मा और रौनक ने उसे जेल गेट पर घेर लिया। हेड गार्डन रंजीत और कांस्टेबल राजीव ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान विशाल शर्मा ने गोली चला दी और राजन को मारने की धमकी दी। राजन ने विशाल शर्मा को पकड़ लिया, तभी रौनक ने राजन पर गोली चलाई जो विशाल शर्मा को जा लगी। गोली लगने से विशाल शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में रंजीत सिंह और राजीव भी घायल हुए थे। पुलिस ने रौनक को मौके पर ही पकड़ लिया था, जिसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। विशाल शर्मा के पास से भी एक तमंचा और कारतूस मिले थे।
-हत्या की साजिश और जांच
पुलिस ने आरोपी रौनक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान हर्षित चिकारा का नाम भी सामने आया। हर्षित चिकारा पर विशाल शर्मा के साथ मिलकर राजन की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। हर्षित और राजन के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। फायरिंग के एक मामले में राजन जेल गया था। राजन के जेल से बाहर निकलते ही उसकी हत्या की योजना बनाई गई थी।
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-अदालत में सुनवाई और गवाह
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने 30 सितंबर 2023 को इस मामले का संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। इनमें राजन और पल्लवी स्वतंत्र साक्षी के तौर पर शामिल थे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा और अजीत पंवार ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया।
-दोषियों को मिली सजा
अपर सत्र न्यायाधीश डॉक्टर शहजाद अली ने रौनक पुत्र धर्मेंद्र निवासी हीमपुर दीपा और हर्षित चिकारा पुत्र कपिल निवासी कुतुबपुर गढ़ी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह अर्थदंड विशाल शर्मा की हत्या के लिए लगाया गया है। यह फैसला न्याय प्रक्रिया के तहत दिया गया है।
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शहर कोतवाली में जिला कारागार के एसआई रंजीत सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 जून 2023 की शाम करीब आठ बजे राजन जेल से रिहा होकर बाहर निकला, तभी विशाल शर्मा और रौनक ने उसे जेल गेट पर घेर लिया। हेड गार्डन रंजीत और कांस्टेबल राजीव ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान विशाल शर्मा ने गोली चला दी और राजन को मारने की धमकी दी। राजन ने विशाल शर्मा को पकड़ लिया, तभी रौनक ने राजन पर गोली चलाई जो विशाल शर्मा को जा लगी। गोली लगने से विशाल शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में रंजीत सिंह और राजीव भी घायल हुए थे। पुलिस ने रौनक को मौके पर ही पकड़ लिया था, जिसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। विशाल शर्मा के पास से भी एक तमंचा और कारतूस मिले थे।
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-हत्या की साजिश और जांच
पुलिस ने आरोपी रौनक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान हर्षित चिकारा का नाम भी सामने आया। हर्षित चिकारा पर विशाल शर्मा के साथ मिलकर राजन की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। हर्षित और राजन के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। फायरिंग के एक मामले में राजन जेल गया था। राजन के जेल से बाहर निकलते ही उसकी हत्या की योजना बनाई गई थी।
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-अदालत में सुनवाई और गवाह
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने 30 सितंबर 2023 को इस मामले का संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। इनमें राजन और पल्लवी स्वतंत्र साक्षी के तौर पर शामिल थे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा और अजीत पंवार ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया।
-दोषियों को मिली सजा
अपर सत्र न्यायाधीश डॉक्टर शहजाद अली ने रौनक पुत्र धर्मेंद्र निवासी हीमपुर दीपा और हर्षित चिकारा पुत्र कपिल निवासी कुतुबपुर गढ़ी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह अर्थदंड विशाल शर्मा की हत्या के लिए लगाया गया है। यह फैसला न्याय प्रक्रिया के तहत दिया गया है।