{"_id":"57cdc7494f1c1bb0303186b0","slug":"fever-killed-the-child","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार ने बच्चे की जान ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार ने बच्चे की जान ली
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2016 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर के धामपुर में गांव तीबड़ी में बुखार से जूझ रहे नौ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य बच्चे बुखार से जूझ रहे हैं। गांव में दो दिन पहले ही सीएमओ ने दौरा किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया था। इसके बावजूद बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। ग्रामीण डेंगू जैसे लक्षणों के साथ बुखार आना बता रहे हैं। मगर विभाग इससे इनकार कर रहा है।
गांव के शाकिर ने बताया कि उनके नौ वर्षीय बेटे शाहनवाज को दो दिन पहले बुखार आया था। शुरूआत में उसका गांव में ही एक चिकित्सक से उपचार कराया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो धामपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सोमवार को उसकी मौत हो गई है। गांव के निवासी रहीम, नईम, अनीस, नासिर, महावीर आदि ने बताया कि उनके बच्चे भी कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें अपने बच्चाें की चिंता सता रही है।
उन्होंने बताया कि बुखार के प्रकोप को देखते हुए ग्रामीणाें ने राज्यमंत्री मूलचंद चौहान से जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया था। इस पर सीएमओ डा. सुखबीर सिंह टीम के साथ गांव में आए थे। मच्छरों से बचाव को कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। बुखार से पीड़ित मरीजों के रक्त नमूने लिए गए। लेकिन सीएमओ के जाने के बाद आगे निगरानी नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तब जानलेवा बुखार पर नियंत्रण नहीं होता तब तक गांव में कैंप लगाकर उपचार कराया जाए। तभी ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव के शाकिर ने बताया कि उनके नौ वर्षीय बेटे शाहनवाज को दो दिन पहले बुखार आया था। शुरूआत में उसका गांव में ही एक चिकित्सक से उपचार कराया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो धामपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सोमवार को उसकी मौत हो गई है। गांव के निवासी रहीम, नईम, अनीस, नासिर, महावीर आदि ने बताया कि उनके बच्चे भी कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें अपने बच्चाें की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बुखार के प्रकोप को देखते हुए ग्रामीणाें ने राज्यमंत्री मूलचंद चौहान से जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया था। इस पर सीएमओ डा. सुखबीर सिंह टीम के साथ गांव में आए थे। मच्छरों से बचाव को कीटनाशक का छिड़काव कराया गया। बुखार से पीड़ित मरीजों के रक्त नमूने लिए गए। लेकिन सीएमओ के जाने के बाद आगे निगरानी नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तब जानलेवा बुखार पर नियंत्रण नहीं होता तब तक गांव में कैंप लगाकर उपचार कराया जाए। तभी ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी।
विज्ञापन