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गन्ना सुरक्षण आदेश के इंतजार में किसान
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गन्ना सुरक्षण आदेश के इंतजार में किसान
बिजनौर। गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया है, लेकिन गन्ना सुरक्षण आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसे में किसान नया क्रय केंद्र और क्रय केंद्र बदलवाने को लेकर परेशान है और किसान गन्ना सुरक्षण आदेश की ओर टकटकी लगाएं बैठे हैं। कई चीनी मिलों की ओर से भी और नए क्रय केंद्रों की मांग करते हुए प्रस्ताव भेजे हैं। किसे क्या मिलेगा, यह सब गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने के उपरांत ही साफ होगा।
इस बार जनपद में सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना उत्पादित है। गन्ना आपूर्ति के लिए सभी किसान सहकारी गन्ना समितियों में 3,91,573 किसान पंजीकृत है। नया पेराई सत्र शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक गन्ना सुरक्षण और गन्ना मूल्य दोनों ही घोषित नहीं हुए हैं। इससे किसानों में रोष है। कई चीनी मिलें नए क्रय केंद्रों की मांग कर रही है। वहीं, कई गांवों के किसान गन्ना मूल्य भुगतान देने में लेटलतीफी करने वाली चीनी मिलों की जगह अन्य का क्रय केंद्र मांग रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गन्ना सुरक्षण की बैठक चल रही है। बिजनौर का नंबर अभी नहीं आया है।
लंबा होता जा रहा इंतजार
गड़ाना निवासी किसान चौधरी प्रवीण सिंह, शिवध्यान सिंह का कहना है कि उन्होंने क्रय केंद्र बदलवाने को समिति बोर्ड से दूसरी चीनी मिल के क्रय केंद्र स्थापित कराने का प्रस्ताव बनवाकर मुख्यालय को भिजवा रखा है। गन्ना सुरक्षण आदेश नहीं होने से वह गन्ना आपूर्ति को लेकर परेशान है। सुरक्षण आदेश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। समय पर गन्ना आपूर्ति नहीं होने से गेहूं बुवाई भी प्रभावित हो जाएगी।
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पांच सौ रुपये घोषित हो गन्ना मूल्य
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि सीजन शुरू हो गया है। अब सरकार को लागत देखते हुए पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव घोषित कर देना चाहिए। साथ ही भुगतान समय से कराया जाएं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी विनोद कुमार उर्फ बिट्टू का कहना है इस बार मौसम की मार से गन्ना उत्पादन कम है, जबकि फसल में लागत ज्यादा आई है। सरकार को चाहिए कि किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा तथा फसल की लागत को देखते हुए उचित गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए।
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बिजनौर। गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया है, लेकिन गन्ना सुरक्षण आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसे में किसान नया क्रय केंद्र और क्रय केंद्र बदलवाने को लेकर परेशान है और किसान गन्ना सुरक्षण आदेश की ओर टकटकी लगाएं बैठे हैं। कई चीनी मिलों की ओर से भी और नए क्रय केंद्रों की मांग करते हुए प्रस्ताव भेजे हैं। किसे क्या मिलेगा, यह सब गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने के उपरांत ही साफ होगा।
इस बार जनपद में सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना उत्पादित है। गन्ना आपूर्ति के लिए सभी किसान सहकारी गन्ना समितियों में 3,91,573 किसान पंजीकृत है। नया पेराई सत्र शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक गन्ना सुरक्षण और गन्ना मूल्य दोनों ही घोषित नहीं हुए हैं। इससे किसानों में रोष है। कई चीनी मिलें नए क्रय केंद्रों की मांग कर रही है। वहीं, कई गांवों के किसान गन्ना मूल्य भुगतान देने में लेटलतीफी करने वाली चीनी मिलों की जगह अन्य का क्रय केंद्र मांग रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गन्ना सुरक्षण की बैठक चल रही है। बिजनौर का नंबर अभी नहीं आया है।
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लंबा होता जा रहा इंतजार
गड़ाना निवासी किसान चौधरी प्रवीण सिंह, शिवध्यान सिंह का कहना है कि उन्होंने क्रय केंद्र बदलवाने को समिति बोर्ड से दूसरी चीनी मिल के क्रय केंद्र स्थापित कराने का प्रस्ताव बनवाकर मुख्यालय को भिजवा रखा है। गन्ना सुरक्षण आदेश नहीं होने से वह गन्ना आपूर्ति को लेकर परेशान है। सुरक्षण आदेश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। समय पर गन्ना आपूर्ति नहीं होने से गेहूं बुवाई भी प्रभावित हो जाएगी।
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पांच सौ रुपये घोषित हो गन्ना मूल्य
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि सीजन शुरू हो गया है। अब सरकार को लागत देखते हुए पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव घोषित कर देना चाहिए। साथ ही भुगतान समय से कराया जाएं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी विनोद कुमार उर्फ बिट्टू का कहना है इस बार मौसम की मार से गन्ना उत्पादन कम है, जबकि फसल में लागत ज्यादा आई है। सरकार को चाहिए कि किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा तथा फसल की लागत को देखते हुए उचित गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए।