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वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गंभीरता के साथ करने होंगे प्रयास
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वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गंभीरता के साथ करने होंगे प्रयास
बिजनौर। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी जन सहभागिता के साथ पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने होंगे। यह जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र है जोकि प्राकृतिक संपदाओं और सुंदरीकरण से परिपूर्ण भी है। इसी वजह से कृषि वानिकी एवं ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यह बात प्रधान मुख्य वन संरक्षक केपी दुबे ने कही।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल शब्द नहीं बल्कि जीवन का आधार है। इंसानों की तरह जीवों में भी भावनाएं एवं संवेदनाएं पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण मानव-जीव संघर्ष की अधिक संभावनाएं हैं, जिसके चलते जरूरी उपाय करने होंगे। ताकि मानव सुरक्षा के साथ वन्यजीव भी सुरक्षित रह सकें। वन्यजीव बिना छेड़छाड़ किए किसी भी मानव पर हमला नहीं करते, यदि मार्ग अथवा खेत आदि में कोई जीव नजर आए तो कतई न घबराएं और जाने के लिए उसको रास्ता दें। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि वन्यजीव मानव जीवन का एक हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए उनके साथ जीवनयापन की राह तलाश करनी होगी। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए वन्यजीव के संरक्षण के लिए सभी ग्राम पंचायतों में जागरूकता और संवेदनशीलता उत्पन्न करने के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन कराएं। इस अवसर पर वन संरक्षक मुरादाबाद विजय सिंह, डीएफओ बिजनौर एवं नजीबाबाद, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव के अलाव अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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बिजनौर। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी जन सहभागिता के साथ पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने होंगे। यह जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र है जोकि प्राकृतिक संपदाओं और सुंदरीकरण से परिपूर्ण भी है। इसी वजह से कृषि वानिकी एवं ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यह बात प्रधान मुख्य वन संरक्षक केपी दुबे ने कही।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल शब्द नहीं बल्कि जीवन का आधार है। इंसानों की तरह जीवों में भी भावनाएं एवं संवेदनाएं पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिला वन्य बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण मानव-जीव संघर्ष की अधिक संभावनाएं हैं, जिसके चलते जरूरी उपाय करने होंगे। ताकि मानव सुरक्षा के साथ वन्यजीव भी सुरक्षित रह सकें। वन्यजीव बिना छेड़छाड़ किए किसी भी मानव पर हमला नहीं करते, यदि मार्ग अथवा खेत आदि में कोई जीव नजर आए तो कतई न घबराएं और जाने के लिए उसको रास्ता दें। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि वन्यजीव मानव जीवन का एक हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए उनके साथ जीवनयापन की राह तलाश करनी होगी। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए वन्यजीव के संरक्षण के लिए सभी ग्राम पंचायतों में जागरूकता और संवेदनशीलता उत्पन्न करने के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन कराएं। इस अवसर पर वन संरक्षक मुरादाबाद विजय सिंह, डीएफओ बिजनौर एवं नजीबाबाद, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव के अलाव अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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