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Bijnor News: केंद्रीय वित्त से बजट नहीं मिलने से अधर में विकास कार्य
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- जल्द ही ग्राम पंचायत चुनाव होने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। केंद्रीय वित्त से धनराशि नहीं मिलने से पंचायतों के सामने संकट खड़ा हो गया है। करीब एक साल से 15वें वित्त की ग्रांट नहीं आई है। इसके चलते गांवों में विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
जिले की पंचायतों में होने वाले विकास कार्य जैसे सड़क और नाली निर्माण, पथ प्रकाश आदि कार्य 15वें वित्त की धनराशि से कराए जाते हैं। पिछले साल अगस्त माह में इससे धनराशि जारी की गई थी। इसके बाद पंचायत को बजट जारी नहीं किया गया। जल्द ही ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मार्च या अप्रैल माह में पंचायत चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पंचायत में विकास कार्य नहीं होने से वर्तमान ग्राम प्रधान परेशान हैं। उन पर विकास कार्य नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। एक साल से बजट नहीं मिलने के कारण गांवों में कई काम आधार में लटके हुए हैं।
- प्रस्ताव तैयार, बजट का इंतजार
जिले में 1128 ग्राम पंचायतों में 2519 राजस्व ग्राम हैं। ग्राम प्रधानों ने इनमें काम कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करा रखे हैं लेकिन बजट के अभाव में काम नहीं हो पा रहे। चुनावी साल होने के कारण ग्राम प्रधान परेशान हैं।
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वर्जन: बीते एक साल से 15वें वित्त आयोग का पैसा नहीं आया है। जिसके चलते पूर्ण रूप से विकास कार्य ठप हो चुके हैं। मुख्य रूप से ग्राम पंचायतें केंद्रीय वित्त पर ही निर्भर रहती र्है। ऐसे में तमाम विकास कार्य अटके हुए हैं। -सचिन मलिक, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय प्रधान संगठन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। केंद्रीय वित्त से धनराशि नहीं मिलने से पंचायतों के सामने संकट खड़ा हो गया है। करीब एक साल से 15वें वित्त की ग्रांट नहीं आई है। इसके चलते गांवों में विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
जिले की पंचायतों में होने वाले विकास कार्य जैसे सड़क और नाली निर्माण, पथ प्रकाश आदि कार्य 15वें वित्त की धनराशि से कराए जाते हैं। पिछले साल अगस्त माह में इससे धनराशि जारी की गई थी। इसके बाद पंचायत को बजट जारी नहीं किया गया। जल्द ही ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मार्च या अप्रैल माह में पंचायत चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पंचायत में विकास कार्य नहीं होने से वर्तमान ग्राम प्रधान परेशान हैं। उन पर विकास कार्य नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। एक साल से बजट नहीं मिलने के कारण गांवों में कई काम आधार में लटके हुए हैं।
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- प्रस्ताव तैयार, बजट का इंतजार
जिले में 1128 ग्राम पंचायतों में 2519 राजस्व ग्राम हैं। ग्राम प्रधानों ने इनमें काम कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करा रखे हैं लेकिन बजट के अभाव में काम नहीं हो पा रहे। चुनावी साल होने के कारण ग्राम प्रधान परेशान हैं।
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वर्जन: बीते एक साल से 15वें वित्त आयोग का पैसा नहीं आया है। जिसके चलते पूर्ण रूप से विकास कार्य ठप हो चुके हैं। मुख्य रूप से ग्राम पंचायतें केंद्रीय वित्त पर ही निर्भर रहती र्है। ऐसे में तमाम विकास कार्य अटके हुए हैं। -सचिन मलिक, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय प्रधान संगठन