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हाजी अहसान व उसके भांजे की हत्या का खुलासा
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शाहनवाज ने कराई दोनों की हत्या
बिजनौर। पुलिस ने नजीबाबाद में हुए बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या का खुलासा कर दिया है। संपत्ति के विवाद व डॉन बनने की चाहत में शाहनवाज ने दोनों की हत्या कराई थी। पुलिस ने घटना को अंजाम देनेवाले शूटरों को बाइक से ले जाने वाले बदमाश को दबोच लिया है। उसने ही दोनों शूटरों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस शूटरों के अलावा शाहनवाज की तलाश में जुटी है।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक 28 मई को नजीबाबाद में बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे को कॉम्प्लेक्स के कार्यालय में दो शूटरों ने गोलियों से भून दिया था। दोनों की हत्या से नजीबाबाद में खलबली मच गई थी। पुलिस की कई टीम इस हत्या के खुलासे में लगी है। पुलिस ने बिजौरी तिराहे से नजीबाबाद उब्बनवाला निवासी मोहम्मद सेवन के पुत्र दानिश को दबोच लिया है। उसके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक तमंचा व कारतूस बरामद किया है। दानिश छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में जेल में बंद था। दानिश ने पुलिस को बताया कि 14 मई को वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। जमानत पर आने से चार पांच दिन पहले जलालाबाद के मोहल्ला कुरैशियान निवासी जब्बार अंसारी व गांव कनकपुर निवासी दानिश पुत्र इरफान जेल में उससे मिलने आए थे। दोनों ने उसे बताया था कि गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज उनसे हाजी अहसान की हत्या कराना चाहता है। शाहनवाज व हाजी अहसान का संपत्ति को लेकर विवाद है। योजना के तहत 28 मई को पकड़ा गया दानिश, हाजी अहसान के कार्यालय के बाहर बाइक लेकर खड़ा रहा। जब्बार व दानिश पुत्र इरफान ने कार्यालय के अंदर घुस कर हाजी अहसान व उसके भांजे को गोली से उड़ा दिया। दानिश दोनों को बाइक से कोटद्वार की तरफ लेकर भाग गया। पुलिस के मुताबिक शाहनवाज ने ही यह हत्या कराई है। वह चाहता था कि नजीबाबाद में उसका वर्चस्व कायम रहे। इसके लिए हाजी अहसान को रास्ते से हटाना जरूरी था। पुलिस शाहनवाज समेत दोनों शूटरों की तलाश में जुटी है। शाहनवाज व शूटरों की तलाश में पुलिस ने पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में उनके ठिकानों पर दबिश भी दी। पर वह हाथ नहीं आए। एसपी ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाले पुलिस टीम में शामिल सीओ नजीबाबाद महेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक संजय पांचाल समेत पूरी टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पैसों के लालच में टूट गया दानिश
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया दानिश गरीब है। उसके परिजनों ने खेत पर खड़े पेड़ कटवा कर उसकी जमानत कराई है। दानिश को जेल से बाहर आने पर पैसों की जरूरत थी। उसकी बहन की हाल ही में शादी होनी है। पैसों के लालच में वह जब्बार अंसारी व दूसरे दानिश शूटर को बाइक से ले जाने के लिए राजी हो गया। पुलिस के मुताबिक इसके बदले शूटरों ने उसे तीन हजार रुपये दिए। बाकी रुपये जब्बार अंसारी ने बाद में उसे देने को कहा। हाजी अहसान के परिजन पहले इस खुलासे से संतुष्ट नहीं थे। बाद में पुलिस अफसरों के समझाने पर वह मान गए और खुलासे को सही बताने लगे।
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हाजी अहसान की हत्या करने की पहले भी धमकी दे चुका था शाहनवाज
पुलिस के मुताबिक शाहनवाज जेल में बंद रहने के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर से भी बयान लेने के दौरान हाजी अहसान की हत्या करने की बात कह चुका था। एक बार थाने में भी उसने यह बात दोहराई थी। शाहनवाज ने पूर्वांचल के एक बड़े माफिया से फोन करा कर हाजी अहसान से मोटी रकम भी वसूली थी। बाद में हाजी अहसान शाहनवाज से भी काम कराने लगा। पर इसके बदले पैसे नहीं दिए। इस बात से शाहनवाज , अहसान से दुश्मनी रखने लगा था और उसका खात्मा करने में लगा था।
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बिजनौर। पुलिस ने नजीबाबाद में हुए बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या का खुलासा कर दिया है। संपत्ति के विवाद व डॉन बनने की चाहत में शाहनवाज ने दोनों की हत्या कराई थी। पुलिस ने घटना को अंजाम देनेवाले शूटरों को बाइक से ले जाने वाले बदमाश को दबोच लिया है। उसने ही दोनों शूटरों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस शूटरों के अलावा शाहनवाज की तलाश में जुटी है।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक 28 मई को नजीबाबाद में बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे को कॉम्प्लेक्स के कार्यालय में दो शूटरों ने गोलियों से भून दिया था। दोनों की हत्या से नजीबाबाद में खलबली मच गई थी। पुलिस की कई टीम इस हत्या के खुलासे में लगी है। पुलिस ने बिजौरी तिराहे से नजीबाबाद उब्बनवाला निवासी मोहम्मद सेवन के पुत्र दानिश को दबोच लिया है। उसके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक तमंचा व कारतूस बरामद किया है। दानिश छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में जेल में बंद था। दानिश ने पुलिस को बताया कि 14 मई को वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। जमानत पर आने से चार पांच दिन पहले जलालाबाद के मोहल्ला कुरैशियान निवासी जब्बार अंसारी व गांव कनकपुर निवासी दानिश पुत्र इरफान जेल में उससे मिलने आए थे। दोनों ने उसे बताया था कि गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज उनसे हाजी अहसान की हत्या कराना चाहता है। शाहनवाज व हाजी अहसान का संपत्ति को लेकर विवाद है। योजना के तहत 28 मई को पकड़ा गया दानिश, हाजी अहसान के कार्यालय के बाहर बाइक लेकर खड़ा रहा। जब्बार व दानिश पुत्र इरफान ने कार्यालय के अंदर घुस कर हाजी अहसान व उसके भांजे को गोली से उड़ा दिया। दानिश दोनों को बाइक से कोटद्वार की तरफ लेकर भाग गया। पुलिस के मुताबिक शाहनवाज ने ही यह हत्या कराई है। वह चाहता था कि नजीबाबाद में उसका वर्चस्व कायम रहे। इसके लिए हाजी अहसान को रास्ते से हटाना जरूरी था। पुलिस शाहनवाज समेत दोनों शूटरों की तलाश में जुटी है। शाहनवाज व शूटरों की तलाश में पुलिस ने पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में उनके ठिकानों पर दबिश भी दी। पर वह हाथ नहीं आए। एसपी ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाले पुलिस टीम में शामिल सीओ नजीबाबाद महेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक संजय पांचाल समेत पूरी टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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पैसों के लालच में टूट गया दानिश
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया दानिश गरीब है। उसके परिजनों ने खेत पर खड़े पेड़ कटवा कर उसकी जमानत कराई है। दानिश को जेल से बाहर आने पर पैसों की जरूरत थी। उसकी बहन की हाल ही में शादी होनी है। पैसों के लालच में वह जब्बार अंसारी व दूसरे दानिश शूटर को बाइक से ले जाने के लिए राजी हो गया। पुलिस के मुताबिक इसके बदले शूटरों ने उसे तीन हजार रुपये दिए। बाकी रुपये जब्बार अंसारी ने बाद में उसे देने को कहा। हाजी अहसान के परिजन पहले इस खुलासे से संतुष्ट नहीं थे। बाद में पुलिस अफसरों के समझाने पर वह मान गए और खुलासे को सही बताने लगे।
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हाजी अहसान की हत्या करने की पहले भी धमकी दे चुका था शाहनवाज
पुलिस के मुताबिक शाहनवाज जेल में बंद रहने के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर से भी बयान लेने के दौरान हाजी अहसान की हत्या करने की बात कह चुका था। एक बार थाने में भी उसने यह बात दोहराई थी। शाहनवाज ने पूर्वांचल के एक बड़े माफिया से फोन करा कर हाजी अहसान से मोटी रकम भी वसूली थी। बाद में हाजी अहसान शाहनवाज से भी काम कराने लगा। पर इसके बदले पैसे नहीं दिए। इस बात से शाहनवाज , अहसान से दुश्मनी रखने लगा था और उसका खात्मा करने में लगा था।