{"_id":"57449f264f1c1ba63f690d0a","slug":"blood-surged-in-private-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों में महंगा हुआ ब्लड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों में महंगा हुआ ब्लड
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 25 May 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
रक्तदान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर के प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों के लिए अब खून भी महंगा हो गया है। एक यूनिट ब्लड के लिए उन्हें प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 1050 रुपये का भुगतान करना पडे़गा।
सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर जिला ब्लड बैंक से चिकित्सक के परामर्श पर ब्लड दिया जाता है। अब तक मरीज से 400 रुपये सर्विस चार्ज व 50 रुपये ट्रांफ्यूजन चार्ज के रूप में वसूल किए जाते थे।
राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद/एड्स नियंत्रण विभाग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मीटिंग में प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले ब्लड के सर्विस चार्ज में बढ़ोतरी कर दी गई है।
विज्ञापन
साथ ही सर्विस चार्ज का नाम भी बदल कर प्रोसेसिंग चार्ज कर दिया गया है। अब प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज से एक यूनिट ब्लड के बदले प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 1050 रुपये लिए जाएंगे।
शासन के निर्देशानुसार ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज केवल प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों पर लागू होंगे। किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज से प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 450 रुपये (400 रुपये सर्विस चार्ज + 50 रुपये ट्रांफ्यूजन चार्ज) लिए जाएंगे।
अब तक प्राइवेट/चेरिटेबिल रक्तकोष यानि ब्लड बैंक से प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में एक यूनिट के 850 रुपये लिए जाते थे। हालांकि शासन ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है। जिला ब्लड बैंक प्रभारी डा. संजय शंकर का कहना है कि शासन का पत्र 24 मई की शाम को मिला था। 25 मई से ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज को लागू कर दिया गया है। शासन ने ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज में बढ़ोतरी की है।
विज्ञापन
सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर जिला ब्लड बैंक से चिकित्सक के परामर्श पर ब्लड दिया जाता है। अब तक मरीज से 400 रुपये सर्विस चार्ज व 50 रुपये ट्रांफ्यूजन चार्ज के रूप में वसूल किए जाते थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद/एड्स नियंत्रण विभाग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मीटिंग में प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले ब्लड के सर्विस चार्ज में बढ़ोतरी कर दी गई है।
विज्ञापन
साथ ही सर्विस चार्ज का नाम भी बदल कर प्रोसेसिंग चार्ज कर दिया गया है। अब प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज से एक यूनिट ब्लड के बदले प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 1050 रुपये लिए जाएंगे।
शासन के निर्देशानुसार ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज केवल प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों पर लागू होंगे। किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज से प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में 450 रुपये (400 रुपये सर्विस चार्ज + 50 रुपये ट्रांफ्यूजन चार्ज) लिए जाएंगे।
अब तक प्राइवेट/चेरिटेबिल रक्तकोष यानि ब्लड बैंक से प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में एक यूनिट के 850 रुपये लिए जाते थे। हालांकि शासन ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है। जिला ब्लड बैंक प्रभारी डा. संजय शंकर का कहना है कि शासन का पत्र 24 मई की शाम को मिला था। 25 मई से ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज को लागू कर दिया गया है। शासन ने ब्लड के प्रोसेसिंग चार्ज में बढ़ोतरी की है।