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चिकित्सकों ने काला फीता बांधकर जताया विरोध
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:00 AM IST
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चिकित्सकों ने काला फीता बांध किया विरोध
बिजनौर। प्रोवेंशियल मेडिकल एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर जनपदीय शाखा ने अपनी मांगों को लेकर काला फीता बांधकर विरोध जताया। एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक सचिव डॉ. कपिल चौधरी के नेतृत्व में जिला अस्पताल में एकत्रित हुए और काला फीता बांधकर विरोध जताया। चिकित्सकों का कहना था कि बिजनौर जिले की कुल 45 लाख आबादी पर केवल 150 चिकित्सकों के पद शासन से स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष कुल 79 ही कार्यरत हैं। इनमें से आधे ही ओपीडी करते हैं। शेष को अफसरों द्वारा इधर-उधर के विभागीय कार्यों में उलझा दिया जाता है। इससे चिकित्सा कार्य प्रभावित होता है। इस दौरान चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित पड़ी विभागीय प्रोन्नति निस्तारित करने, विशेषज्ञों और सामान्य चिकित्सकों का कैडर अलग न करने, ग्रामीण भत्ता मूल वेतन 35 प्रतिशत करने, पोस्टमार्टम भत्ता प्रति केस 100 रुपए से बढ़ाकर दो हजार रुपए करने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अधिकार को कायम रखते हुए समस्त लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने, चिकित्सकों के लिए अलग से सुरक्षा कानून बनाने आदि की मांगे की गई। इस अवसर पर सीएमओ राकेश कुमार मित्तल, एसीएमओ एसके निगम, बीएस रावत, सीएमएस सुखवीर सिंह, सचिव डॉ. कपिल चौधरी, डॉ. राजीव रस्तौगी, डॉ. मनोज सेन, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. पीआर नायर, डॉ. बीआर त्यागी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। प्रोवेंशियल मेडिकल एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर जनपदीय शाखा ने अपनी मांगों को लेकर काला फीता बांधकर विरोध जताया। एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक सचिव डॉ. कपिल चौधरी के नेतृत्व में जिला अस्पताल में एकत्रित हुए और काला फीता बांधकर विरोध जताया। चिकित्सकों का कहना था कि बिजनौर जिले की कुल 45 लाख आबादी पर केवल 150 चिकित्सकों के पद शासन से स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष कुल 79 ही कार्यरत हैं। इनमें से आधे ही ओपीडी करते हैं। शेष को अफसरों द्वारा इधर-उधर के विभागीय कार्यों में उलझा दिया जाता है। इससे चिकित्सा कार्य प्रभावित होता है। इस दौरान चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित पड़ी विभागीय प्रोन्नति निस्तारित करने, विशेषज्ञों और सामान्य चिकित्सकों का कैडर अलग न करने, ग्रामीण भत्ता मूल वेतन 35 प्रतिशत करने, पोस्टमार्टम भत्ता प्रति केस 100 रुपए से बढ़ाकर दो हजार रुपए करने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अधिकार को कायम रखते हुए समस्त लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने, चिकित्सकों के लिए अलग से सुरक्षा कानून बनाने आदि की मांगे की गई। इस अवसर पर सीएमओ राकेश कुमार मित्तल, एसीएमओ एसके निगम, बीएस रावत, सीएमएस सुखवीर सिंह, सचिव डॉ. कपिल चौधरी, डॉ. राजीव रस्तौगी, डॉ. मनोज सेन, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. पीआर नायर, डॉ. बीआर त्यागी आदि मौजूद रहे।