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नि सत्यापन के ही भेजी गई स्कूलों में सामग्री

Sat, 12 Jan 2019 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:28 AM IST
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नि सत्यापन के ही भेजी गई स्कूलों में सामग्री
बिना सत्यापन के ही भेजी गई स्कूलों में सामग्री
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक संप्रति में वृद्धि के लिए भेजी जा रही आधी अधूरी शैक्षिक सामग्री का मामला तूल पकड़ने लगा है। बिना सत्यापन के ही स्कूलों में सामग्री भेजे जाने को शिक्षक ने अफसरों की लापरवाही बताया। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अफसरों की मिलीभगत से हो रहे इस खेल की जांच कराने की मांग की है।
जिले के 1791 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के 3582 शिक्षकों को करीब 33 लाख रुपये की धनराशि से ग्रेडेड लर्निंग प्रशिक्षण में दक्ष किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान स्कूलों को भेजी जा रही सामग्री के प्रकाशन में गड़बड़ी होना शिक्षकों को हजम नहीं हो रहा है। सामग्री के प्रकाशन में भारी अनियमितता बरते जाने से शिक्षक भी नाराज हैं। शिक्षकों का दावा है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने सामग्री का सत्यापन कराए बिना ही स्कूलों में शिक्षकों को सामग्री के बंडल पकड़ा दिए हैं। अब शिक्षकों ने इसकी जांच कराने की मांग की है, ताकि स्कूली बच्चों के साथ खिलवाड़ न हो। करीब एक लाख बच्चे इस प्रशिक्षण से प्रभावित होंगे। सामग्री की गुणवत्ता दूसरे जनपदों की सामग्री की तुलना में बहुत घटिया है। वरिष्ठ शिक्षक नेता धर्मेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह व बलराम सिंह ने प्रशासन से बच्चों के हितों को देखते हुए सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों का दावा है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर बेलगाम हो कर कार्य कर रहे हैं। शासन की ओर से तय किए गए मानकों पर काम नहीं किया गया है। जो सामग्री स्कूलों में पहुंची हैं वह ज्यादा दिन नहीं चल पाएगी।
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बिजनौर व बागपत की पुस्तकों में हैं भारी अंतर
ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम के लिए बच्चों को स्कूलों में कहानियां भी पढ़ाई जानी हैं। जिले के स्कूलों में जो पुस्तकें कहानी की उपलब्ध कराई गई हैं वह ब्लैक एंड व्हाइट में प्रकाशित कराई गई है, जबकि दूसरे जनपदों में कहानियों की पुस्तकें कलरफुल हैं, जो बच्चों को भी प्रभावित करती है। जनपद बागपत के स्कूलों में बांटी गई पुस्तकें कलरफुल प्रकाशित हैं, जबकि यही पुस्तक बिजनौर में ब्लैक एंड व्हाइट में छपी है। बच्चों को रंगीन पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराने से गड़बड़ी होना साफ झलक रहा है।
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भाषा व गणित की शिक्षा दो घंटे देनी होगी
परिषदीय स्कूलों में भेजी गई सामग्री के सहारे ही शिक्षकों को दो घंटे भाषा व गणित की शिक्षा बच्चों को देनी होगी। इसके आदेश भी बीएसए ने जारी कर दिए हैं। बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि कक्षा तीन, चार व पांच के बच्चों को मध्याह्न भोजन से पहले तथा कक्षा एक व दो के बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद स्कूलों में ग्रेडेड लर्निंग का प्रशिक्षण बच्चों को देना होगा, जिसमें स्कूलों में भेजी गई सामग्री का भरपूर प्रयोग किया जाएगा।
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