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बेटियों जायदाद में उनका हक दें: मौलाना
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:06 PM IST
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कासमपुरगढ़ी (ब्यूरो)। गांव रेहड़ में एक इजलास को संबोधित करते हुए दारुल उलूम देवबंद से आए मौलाना मोहम्मद इरफान उल्लाह ने कहा कि हमें लड़कियों को अपनी जायदाद में हिस्सा देना चाहिए।
मदरसा दारुल इस्लाम की ओर से आयोजित एक दीनी और इसलाही इजलास में दारुल उलूम देवबंद के मौलाना मोहम्मद इरफान उल्लाह ने कहा कि इस्लाम से पूर्व लड़कियों को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाता था, मगर लड़कियां आज भी महफूज नहीं हैं। हम उनको अपनी जायदाद में उनका हिस्सा नहीं देते हैं। अल्लाह ने औरतों का हिस्सा मां बाप की जायदाद में भी दिया हैं। अंजुमन अजमत सहाबा के नाजिम मुफ्ती मोहम्मद सुलेमान कासमी ने अपनी खिताब में कहा की मदरसों से इंसानियत बाकी हैं। लोगों से गुनाहों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि गुनाह अल्लाह के गुस्से गजब को दावत देते हैं। इस अवसर पर मौलाना शफीक, अहमद कासमी, शाहनवाज, मुफ्ती मोहम्मद राशिदुल्ला ने भी लोगों को दीन के रास्ते पर चलने की नसीहत दी। इजलास की अध्यक्षता मुफ्ती अब्दुल रहमान ने की और संचालन मुफ्ती जुबैर आलम ने किया।
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मदरसा दारुल इस्लाम की ओर से आयोजित एक दीनी और इसलाही इजलास में दारुल उलूम देवबंद के मौलाना मोहम्मद इरफान उल्लाह ने कहा कि इस्लाम से पूर्व लड़कियों को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाता था, मगर लड़कियां आज भी महफूज नहीं हैं। हम उनको अपनी जायदाद में उनका हिस्सा नहीं देते हैं। अल्लाह ने औरतों का हिस्सा मां बाप की जायदाद में भी दिया हैं। अंजुमन अजमत सहाबा के नाजिम मुफ्ती मोहम्मद सुलेमान कासमी ने अपनी खिताब में कहा की मदरसों से इंसानियत बाकी हैं। लोगों से गुनाहों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि गुनाह अल्लाह के गुस्से गजब को दावत देते हैं। इस अवसर पर मौलाना शफीक, अहमद कासमी, शाहनवाज, मुफ्ती मोहम्मद राशिदुल्ला ने भी लोगों को दीन के रास्ते पर चलने की नसीहत दी। इजलास की अध्यक्षता मुफ्ती अब्दुल रहमान ने की और संचालन मुफ्ती जुबैर आलम ने किया।
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