{"_id":"6081c25b8ebc3ed9b81a2a33","slug":"vigilance-on-highway-limits-ineffective-bhadohi-news-vns586298371","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजमार्ग की सीमाओं पर चौकसी बेअसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजमार्ग की सीमाओं पर चौकसी बेअसर
विज्ञापन
ज्ञानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर चौकसी का कोई असर नहीं पड़ रहा है। प्रवासी टूरिस्ट बसों पर सवार होकर बेधड़क जिले में प्रवेश कर रहे हैं। बसें सर्विस लेन के किनारे बिना लाइसेंस के खुले ढाबों पर ठहराव लेकर ही आगे बढ़ रही हैं।
कोविड-19 का प्रभाव दिन प्रतिदिन बढ़ने से एक सप्ताह पूर्व संपन्न हुई अधिकारियों की बैठक में सीमाओं पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए थे। उधर, प्रतिदिन जांच रिपोर्ट में कई लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आने और कुछ संक्रमित लोगों की मौत से सहमे लोगों ने चौकसी पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी सीमा ऊंज के सीमावर्ती गांव निवासियों ने कहा कि यदि इसी तरह महामारी की गाइड लाइन की अनदेखी होती रही तो स्थिति भयावह होने में देर नहीं लगेगी। गत वर्ष के लाकडाउन में इन्हीं सीमाओं पर पुलिस की दिन-रात ड्यूटी रहने से एक-एक प्रवासियों को जांच करने के बाद ही आगे जाने दिया जाता था। रिपोर्ट संदिग्ध मिलने पर जगह-जगह बने क्वारंटीन सेंटरों में रोकने की व्यवस्था थी। फरवरी 2021 से पश्चिम छोर के मुंबई, दिल्ली, गुजरात, अहमदाबाद, सूरत, वापी, कोल्हापुर, कल्याण, कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, उधना, पूर्वी छोर के पटना, बिहार, गोरखपुर, चंदौली, समस्तीपुर आदि प्रदेशों तक राजमार्ग पर रफ्तार भरने वाली टूरिस्ट बसें प्रवासियों को बैठाकर बेरोकटोक आवागमन कर रही हैं। चिंता की बात यह है कि प्रवासियों से भरी बसें छतमी, कौलापुर, नवधन, सूफीनगर-गोधना, लालानगर टोलाप्लाजा, नटवां, अमवांमाफी, कोठरा, महाराजगंज, बाबूसराय, औराई-सहसेपुर में होटल, ढाबा, चाय-नाश्ता की दुकानों पर रुकती भी हैं। बसों में सवार प्रवासी नाश्ता-पानी आदि के बाद ही गतंव्य को रवाना होती हैं। एसपी रामबदन सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी खत्म होने पर सीमाओं पर चौकसी के लिए पुलिस के जवानों की तैनाती बराबर रहेगी।
विज्ञापन
कोविड-19 का प्रभाव दिन प्रतिदिन बढ़ने से एक सप्ताह पूर्व संपन्न हुई अधिकारियों की बैठक में सीमाओं पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए थे। उधर, प्रतिदिन जांच रिपोर्ट में कई लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आने और कुछ संक्रमित लोगों की मौत से सहमे लोगों ने चौकसी पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी सीमा ऊंज के सीमावर्ती गांव निवासियों ने कहा कि यदि इसी तरह महामारी की गाइड लाइन की अनदेखी होती रही तो स्थिति भयावह होने में देर नहीं लगेगी। गत वर्ष के लाकडाउन में इन्हीं सीमाओं पर पुलिस की दिन-रात ड्यूटी रहने से एक-एक प्रवासियों को जांच करने के बाद ही आगे जाने दिया जाता था। रिपोर्ट संदिग्ध मिलने पर जगह-जगह बने क्वारंटीन सेंटरों में रोकने की व्यवस्था थी। फरवरी 2021 से पश्चिम छोर के मुंबई, दिल्ली, गुजरात, अहमदाबाद, सूरत, वापी, कोल्हापुर, कल्याण, कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, उधना, पूर्वी छोर के पटना, बिहार, गोरखपुर, चंदौली, समस्तीपुर आदि प्रदेशों तक राजमार्ग पर रफ्तार भरने वाली टूरिस्ट बसें प्रवासियों को बैठाकर बेरोकटोक आवागमन कर रही हैं। चिंता की बात यह है कि प्रवासियों से भरी बसें छतमी, कौलापुर, नवधन, सूफीनगर-गोधना, लालानगर टोलाप्लाजा, नटवां, अमवांमाफी, कोठरा, महाराजगंज, बाबूसराय, औराई-सहसेपुर में होटल, ढाबा, चाय-नाश्ता की दुकानों पर रुकती भी हैं। बसों में सवार प्रवासी नाश्ता-पानी आदि के बाद ही गतंव्य को रवाना होती हैं। एसपी रामबदन सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी खत्म होने पर सीमाओं पर चौकसी के लिए पुलिस के जवानों की तैनाती बराबर रहेगी।
विज्ञापन