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पहचान पत्र बनने से थर्ड जेंडर को मिलेगी नई जिंदगी
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किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य एवं महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी ने कहा कि पहचान पत्र बनने से थर्ड जेंडर को नई दिशा मिलेगी। सामाजिक सोच में बदलाव आने से ही किन्नरों का उत्थान होगा। समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार गंभीर है।
महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी सोमवार को राजकीय गेस्ट हाउस में किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में अफसरों से बात कर रहीं थी। डीएम आर्यका अखौरी और एसपी डॉ. अनिल कुमार सिंह से उन्होंने कहा कि किन्नरों को भी समाज की मुख्यधारा में जोड़कर उनका उत्थान किया जाना चाहिए। समाज के विकास में उनका भी योगदान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि कैंप लगाकर शत प्रतिशत किन्नरों का पहचान पत्र बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि किन्नरों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के साथ ही उनके कल्याण के लिए किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड के गठन से किन्नर समाज को शिक्षा, रोजगार, आवास आदि जीवनोपयोगी चीजें उपलब्ध होने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किन्नर लोगों के डेरे/आश्रम में जाकर उनको लाभ बताते हुए प्रेरित करते हुए सभी को पहचान पत्र बनवाएं, ताकि उन्हें भी शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि किन्नर लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार बहुत संवेदनशील है और उनके इलाज के लिए सभी सुविधाएं एवं अनुदान दिया जा रहा है। डीएम से उन्होंने कहा कि जो किन्नर पढ़े लिखे हैं, उनको विभिन्न विभागों, कार्यालयों में नौकरी या संविदा पर नौकरी दिलाने में वरीयता दी जानी चाहिए, ताकि वे भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें। डीएम ने बताया कि किन्नर समाज के उत्थान के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी थानों के माध्यम से ट्रांस जेंडर व्यक्तियों की गणना करते हुए उनको जोड़ेंगे। उनके सम्मान और समस्याओं के निवारण के लिए पुलिस संवेदनशील है। बोर्ड की सदस्य ने सभी थानों में किन्नरों के लिए एक अलग से सेल गठन पर चर्चा की।
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महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी सोमवार को राजकीय गेस्ट हाउस में किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में अफसरों से बात कर रहीं थी। डीएम आर्यका अखौरी और एसपी डॉ. अनिल कुमार सिंह से उन्होंने कहा कि किन्नरों को भी समाज की मुख्यधारा में जोड़कर उनका उत्थान किया जाना चाहिए। समाज के विकास में उनका भी योगदान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि कैंप लगाकर शत प्रतिशत किन्नरों का पहचान पत्र बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि किन्नरों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के साथ ही उनके कल्याण के लिए किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड के गठन से किन्नर समाज को शिक्षा, रोजगार, आवास आदि जीवनोपयोगी चीजें उपलब्ध होने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किन्नर लोगों के डेरे/आश्रम में जाकर उनको लाभ बताते हुए प्रेरित करते हुए सभी को पहचान पत्र बनवाएं, ताकि उन्हें भी शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि किन्नर लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार बहुत संवेदनशील है और उनके इलाज के लिए सभी सुविधाएं एवं अनुदान दिया जा रहा है। डीएम से उन्होंने कहा कि जो किन्नर पढ़े लिखे हैं, उनको विभिन्न विभागों, कार्यालयों में नौकरी या संविदा पर नौकरी दिलाने में वरीयता दी जानी चाहिए, ताकि वे भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें। डीएम ने बताया कि किन्नर समाज के उत्थान के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी थानों के माध्यम से ट्रांस जेंडर व्यक्तियों की गणना करते हुए उनको जोड़ेंगे। उनके सम्मान और समस्याओं के निवारण के लिए पुलिस संवेदनशील है। बोर्ड की सदस्य ने सभी थानों में किन्नरों के लिए एक अलग से सेल गठन पर चर्चा की।
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